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भारतीय नागरिक ने अमेरिका में की 23 करोड़ की धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग का लगा आरोप

Money Laundering: अमेरिका में हाल ही में एक भारतीय शख्स पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा है। पर क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
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नई दिल्ली

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Tanay Mishra

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Updated: 28 Sep 2023, 12:40 PM IST

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Money Laundering

आजकल दुनियाभर में धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते हैं। लोग अलग-अलग तरीकों से धोखाधड़ी करते हैं और दूसरे लोगों का पैसा कब्ज़ाते हुए उन्हें चूना लगाते हैं। इसी तरह का एक मामला अमेरिका (United States Of America) में सामने आया है। और आरोप लगा है एक भारतीय नागरिक पर। यह मामला अमेरिका के मिशिगन (Michigan) का है और आरोपी का नाम योगेश पंचोली बताया जा रहा है। योगेश की उम्र 43 साल है और उस पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है।


2.8 मिलियन डॉलर्स की धोखाधड़ी

जानकारी के अनुसार योगेश ने मिशिगन में कुल 2.8 मिलियन डॉलर्स की धोखाधड़ी की। भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू करीब 23 करोड़ 28 लाख रुपये हैं।

मेडिकल और हेल्थकेयर के नाम पर धोखाधड़ी

जानकारी के अनुसार योगेश ने मेडिकल और हेल्थकेयर के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की और उनसे पैसे हड़पे। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए योगेश ने अपने कुछ दोस्तों की मदद भी ली।


कैसे दिया वारदात को अंजाम?

जानकारी के अनुसार योगेश मिशिगन में लोकल हेल्थकेयर कंपनी श्रिंग होम केयर इंक का मालिक है। बिलिंग मेडिकेयर से योगेश को बाहर किया जा चुका है पर फिर भी उसने कंपनी में अपने मालिकाना को छुपाने के लिए दूसरे लोगों के नाम, हस्ताक्षर और पर्सनल पहचान संबंधी जानकारी का इस्तेमाल करके श्रिंग कंपनी को खरीदा था। इसके बाद पिछले दो महीने में योगेश और इसके साथियों ने हेल्थकेयर के नाम पर कई बिल बनाए और मेडिकेयर द्वारा उन सेवाओं के लिए करीब 2.8 मिलियन डॉलर्स का भुगतान किया गया, पर ये सेवाएं कभी दी नहीं गई। फिर योगेश ने इस धनराशि को फर्जी कंपनियों के बैंक अकाउंट्स के ज़रिए भारत में अपने बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर लिया।

मनी लॉन्ड्रिंग के साथ लगे कई दूसरे आरोप

योगेश पर मिशिगन की फेडरल ज्यूरी कोर्ट ने हेल्थकेयर और वायर संबंधित धोखाधड़ी, हेल्थकेयर संबंधित गंभीर धोखाधड़ी के दो मामले, मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामले, पहचान की चोरी के दो मामले, और गवाहों से छेड़छाड़ का एक मामला लगाया है। योगेश पर मामलों की सुनवाई 10 जनवरी को होगी।

कितने साल की हो सकती है सज़ा?

जानकारी के अनुसार योगेश को पहचान की चोरी के मामलों में 2 साल की जेल की सज़ा होना तय है। वहीं गवाहों से छेड़छाड़ और साजिश के मामलों में उसे 20 की जेल की सज़ा और हेल्थकेयर के साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में 10 साल की जेल की सज़ा मिल सकती हैं।


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