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Pakistan : जम्मू-कश्मीर में बर्बरता पर दुनिया भर में पाकिस्तान की थू-थू! 32 से अधिक नागरिकों की मौत के बाद मचा बवाल

Pakistan faces international criticism: पाकिस्तान द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में हिंसा करने पर उसकी पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है। इस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने आवाज बुलंद की है।

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भारत

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MI Zahir

Jun 17, 2026

PoJK News

पाकिस्तान के रावलकोट में धरना। (फोटो: X@JAAC__Offical)

International outrage over Pakistan's actions in Pakistan: पाकिस्तान जम्मू व कश्मीर में ​हिंसा करने पर बुरी तरह फंस गया है। उसकी पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन (आईएचआरएफ) पाकिस्तान के अधिकारियों पर पाकिस्तान -अधिकृत जम्मू और कश्मीर (POJK) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। प्रदेश में 8 जून से 16 जून, 2026 के बीच 32 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई थी।





'प्रतिबंधित संगठन' घोषित करने के बाद संकट और बढ़ा

आईएचआरएफ ने X पर एक पोस्ट में जम्मू और कश्मीर संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JKJAAC) से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल के अत्यधिक उपयोग की निंदा की। अधिकारियों द्वारा 5 जून को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत जेकेजेएएसी को 'प्रतिबंधित संगठन' घोषित किए जाने के बाद संकट और बढ़ गया। आईएचआरएफ के अनुसार, इस कदम के बाद पूरे क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया गया, संघीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की गईं और क्षेत्र में आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

100 से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया

आईएचआरएफ ने दावा किया कि 100 से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया है। इसने पत्रकार सोहराब बरकत की पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी का भी जिक्र किया और प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंता जताई।

आईएचआरएफ ने जेकेजेएएसी पर लगा प्रतिबंध रद्द करने का आह्वान किया

आईएचआरएफ ने पाकिस्तान सरकार और पीओजेके प्रशासन से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को तुरंत रोकने, इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को बहाल करने, मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को रिहा करने और जेकेजेएएसी पर लगे प्रतिबंध को रद्द करने का आह्वान किया। संगठन ने कथित नागरिक मौतों और कार्यकर्ता शाहज़ेब हबीब की हत्या सहित गैर कानूनी हत्याओं के आरोपों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की भी मांग की। ( इनपुट: ANI)