
Iran Conflict: डोनाल्ड ट्रंप (फोटो सोर्स: ANI)
ईरान का दावा है कि अमेरिका इन दिनों बड़ी मुश्किलों में फंस गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने साफ कहा है कि अमेरिका अपने मित्र देशों से मदद की भीख मांग रहा है। यह ऐसा है, जैसे कोई हार मान चुका हो और अब दूसरों के सहारे चलना चाहता हो।
गरीबाबादी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि अमेरिका कहता है ईरान हार के कगार पर है, लेकिन खुद अपने सहयोगियों से मदद मांग रहा है। यह बात ट्रंप की उस धमकी के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि जो देश ईरान के साथ कारोबार करेंगे, उन पर आर्थिक हमला होगा।
इस बीच, ईरान ने अमेरिका को लेकर एक और बड़ा खुलासा किया। काजेम ने कहा- अमेरिका का सार्वजनिक कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर पार कर गया है। इस आंकड़े के बाद गरीबआबादी ने अमेरिका पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि सैन्य युद्ध से कुछ हासिल नहीं हुआ, इसलिए अब आर्थिक युद्ध का नाम देकर नई कोशिश शुरू की गई है। गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका खुद को मजबूत बताता है, लेकिन हकीकत में उसकी हालत अच्छी नहीं है। मित्र देशों से मदद मांगना उसकी मजबूरी दिखाता है।
ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को चेतावनी दी थी। लेकिन ईरान ने इसे अमेरिका की असफलता का सबूत बताया। गरीबाबादी ने साफ कहा कि अमेरिका अपनी हार छुपाने की कोशिश कर रहा है।
इस बीच, तेहरान में सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के एनालिस्ट अली अकबर दरेनी ने अल जज़ीरा को बताया है कि ट्रंप उस युद्ध को खत्म करने के लिए 'एनाकोंडा रणनीति' का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे वे अब तक जीत नहीं पाए हैं।
दरेनी ने अल जजीरा से कहा- इस रणनीति का मकसद दुश्मन पर मिलिट्री हमला करने से पहले उसे आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर करना है।
उन्होंने कहा- जिस तरह एनाकोंडा सांप अपने शिकार को जकड़कर उसका दम घोंट देता है, उसी तरह अमेरिका यह रणनीति अपना रहा है क्योंकि पिछले पांच महीनों में उसने जो कुछ भी किया है, वह नाकाम रहा है।
हालांकि, दरेनी ने यह भी कहा कि ईरान पहले भी प्रतिबंधों का सामना कर चुका है और आगे भी करेगा। उन्होंने कहा- ट्रंप ऐसे युद्ध में फंस गए हैं जिसे न तो वे जीत सकते हैं और न ही उससे बाहर निकल सकते हैं।
Updated on:
20 Aug 2026 04:10 pm
Published on:
20 Aug 2026 04:10 pm
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