16 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पत्रकारों पर बढ़ा खतरा, ईरान व्हाट्सएप-टेलीग्राम के जरिए बना रहा निशाना, इजराइल ने किया सावधान

Iran War: इजराइल ने चेतावनी दी है कि ईरानी एजेंट व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर फर्जी संदेश भेजकर पत्रकारों को फिशिंग हमले कर रहे हैं। ऐसे में उसने सभी से सावधान रहने की अपील की है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Aug 16, 2026

Media Coverage

मीडियाकर्मी। (फाइल फोटो- ANI)

इजराइल की खुफिया एजेंसी 'शिन बेट' और नेशनल साइबर डायरेक्टोरेट ने ईरान को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा- ईरानी खुफिया एजेंट पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को निशाना बनाकर फिशिंग हमले कर रहे हैं।

ये हमले हाल के राजनीतिक और सुरक्षा हालात के बीच संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए किए जा रहे हैं। एजेंसियों का कहना है कि ये कोशिशें शुरुआती चरण में ही पकड़ ली गईं हैं।

फोन पर फर्जी संदेशों से शुरू होता है हमला

ईरानी ऑपरेटिव व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पत्रकारों से संपर्क करते हैं। कभी-कभी वे किसी जाने-माने शख्स का नाम लेकर बात करते हैं।

संदेश में पत्रकारिता सहयोग या इंटरव्यू का ऑफर दिया जाता है। फिर ऑनलाइन मीटिंग के निमंत्रण का लिंक भेजा जाता है। ये लिंक फिशिंग पेज पर ले जाते हैं जहां गूगल लॉगिन डिटेल्स मांगे जाते हैं। कभी-कभी मालवेयर वाले फाइल या लिंक भी भेजे जाते हैं जो फोन को हैक कर सकते हैं।

पत्रकारों के स्रोतों तक पहुंचने की कोशिश

इजराइली सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों का मकसद पत्रकारों के स्रोतों, पत्राचार और अन्य जानकारी तक पहुंचना है। इस जानकारी का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने और प्रभाव डालने वाले अभियानों के लिए किया जा सकता है।

कान 11 नाम की इजराइली पब्लिक ब्रॉडकास्टर ने एजेंसियों के हवाले से ये जानकारी दी है। हमले पत्रकारों को व्यक्तिगत रूप से टारगेट करके किए जा रहे हैं ताकि वे आसानी से धोखा खा जाएं।

मीडिया कर्मियों के लिए बड़ा खतरा

पत्रकार अक्सर संवेदनशील स्रोतों से बात करते हैं। अगर उनका फोन या अकाउंट हैक हो जाए तो कई लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इजराइली एजेंसियों ने मीडिया कर्मियों से सतर्क रहने और अनजान लिंक न खोलने की सलाह दी है।

ये हमले हाल के घटनाक्रमों के बीच बढ़े हैं। दोनों देशों के बीच तनाव के चलते साइबर हमले आम हो गए हैं। इजराइल का दावा है कि ईरान इस तरह के तरीकों से जानकारी निकालने की कोशिश कर रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि उन्होंने इन कोशिशों को जल्दी पकड़ लिया इसलिए अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं है। लेकिन पत्रकारों को हमेशा सावधान रहना होगा क्योंकि ऐसे हमले बार-बार हो सकते हैं।