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अमेरिका ने जिसे घोषित किया था आतंकी, वही लैथ अल-खजाली बने इराक के डिप्टी पीएम, संसद ने दी मंजूरी

Iraq deputy prime minister: इराकी संसद ने ईरान समर्थित समूह असाइब अहल अल-हक के वरिष्ठ नेता लैथ अल-खजाली को उप प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। अमेरिका ने इस समूह को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था और इसके नेताओं पर प्रतिबंध लगाए थे।
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भारत

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Anand Shekhar

•

Oct 16, 2026

Laith al-Khazali iraq deputy prime minister

इराक के नए डिप्टी पीएम लैथ अल-खजाली (फोटो- X@Rafidfj)

Iraq Deputy PM Laith al-Khazali: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इराकी संसद ने ईरान समर्थित शिया मिलिशिया ग्रुप असाइब अहल अल-हक के नेता लैथ अल-खजाली को देश का उपप्रधानमंत्री नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। लैथ अल-खजाली पर अमेरिका ने कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं और उन्हें एक वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है। इस नियुक्ति के साथ ही प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के मंत्रिमंडल का विस्तार पूरा हो गया, जिसमें तीन उप प्रधानमंत्रियों और 11 प्रमुख मंत्रियों को संसद का विश्वास प्राप्त हुआ है।

अमेरिका ने 2020 में आतंकी सूची में डाला था

नवनियुक्त उप प्रधानमंत्री लैथ अल-खजाली असाइब अहल अल-हक आंदोलन के प्रमुख कैस अल-खजाली के सगे भाई हैं। अमेरिका ने साल 2020 में इस संगठन को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया था और दोनों भाइयों को अपनी 'विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी' (SDGT) सूची में डाल दिया था।

अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह समूह 2007 में कर्बला में हुए एक सुनियोजित हमले में शामिल था, जिसमें पांच अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। इससे पहले 2019 में अमेरिकी वित्त विभाग ने दोनों भाइयों पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाए थे, क्योंकि वे इराक में आम प्रदर्शनकारियों की हत्याओं में शामिल थे।

11 प्रमुख मंत्रालयों में नियुक्तियों को मंजूरी

संसद में हुए मतदान के दौरान लंबे समय से खाली पड़े कई महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी दी गई। इसके तहत नाइफ अल-शम्मरी को नया रक्षा मंत्री और यासिर अल-मालिकी को गृह मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा योजना, संस्कृति, उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के लिए भी नए मंत्रियों को मंजूरी दी गई। हालांकि राजनीतिक दलों के बीच आपसी सहमति न बन पाने के कारण प्रवासन और विस्थापन मंत्रालय के लिए प्रस्तावित उम्मीदवार पर मतदान टाल दिया गया।

युद्ध के कारण इराक की अर्थव्यवस्था पर दबाव

कैबिनेट के गठन के बाद प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने संसद का आभार व्यक्त किया और अपने मंत्रियों से पूरी ईमानदारी, निष्ठा और लगन के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री अल-जैदी ने बताया कि सरकार को इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण गंभीर आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस संघर्ष से पहले इराक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते रोजाना लगभग 35 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करता था, जो सरकार की कुल आय का 90 प्रतिशत हिस्सा था। इस जलमार्ग में आए संकट और उसके कारण तेल आपूर्ति में आई रुकावटों की वजह से सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों का वेतन देने के लिए जरूरी फंड जुटाने के लिए इराकी दिनार का मूल्य अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत कम करना पड़ा।