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न अरब पार्टियों की जरूरत, न नए चुनाव की! इजरायल में सरकार बनाने का लिबरमैन ने दिया फॉर्मूला

इजरायल में राजनीतिक गतिरोध के बीच यिसरायल बेइतेनु नेता एविग्डोर लिबरमैन ने कहा कि रा'म और जॉइंट लिस्ट के बिना भी स्थिर सरकार बन सकती है। जानें पूरा बयान।
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भारत

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 3 Nov 2026, 3:53 PM IST

Israel coalition government

नई सरकार के गठन को लेकर लिबरमैन ने दिया बड़ा बयान, Photo- ANI

Political Crisis Israel: हाल ही में हुए विधायी चुनावों के बाद जारी राजनीतिक गतिरोध और गठबंधन की बातचीत के बीच, 'यिसरायल बेइतेनु' पार्टी के नेता एविग्डोर लिबरमैन ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि हमें और अधिक चुनावों से बचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अरब-नेतृत्व वाले गुटों पर निर्भर हुए बिना एक स्थिर सरकार बनाई जा सकती है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिबरमैन ने लिखा, "हमें और चुनावों को रोकना होगा। मौजूदा राजनीतिक हालात में काम करने की काफी गुंजाइश है, और सही तरीके से आगे बढ़ने पर 'रा'म' (Ra'am) और 'जॉइंट लिस्ट' (Joint List) के बिना भी एक प्रभावी और स्थिर सरकार जल्दी बनाई जा सकती है।"

विपक्षी दलों ने तेज की कोशिशें

अपनी 'लिकुड' पार्टी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद, नेतन्याहू ने दावा किया कि उन्हें यहूदी जनता का जनादेश मिला है। उन्होंने कहा कि वह पहले दिन से ही एक व्यापक सरकार बनाने के लिए अपने स्वाभाविक सहयोगियों और उन सभी पार्टियों के साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं, जो आतंकवाद का समर्थन नहीं करतीं। नेतन्याहू के इस कदम के बाद, विपक्षी दलों ने भी एक वैकल्पिक सरकार बनाने की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं।

'द टाइम्स ऑफ़ इजरायल' के अनुसार, विपक्ष की इन चालों में लिबरमैन का यह रुख भी शामिल है कि वह नेतन्याहू के नेतृत्व वाले किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से अगली सरकार बनाने के लिए 'यशार' (Yashar) पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट के नाम की सिफारिश करेगी। साथ ही, उन्होंने नेसेट (इज़रायली संसद) के स्पीकर पद के लिए विपक्ष के नेता यायर लैपिड का समर्थन करने की भी बात कही।

आइसेनकोट का चुनाव अभियान अहंकारी

लिबरमैन ने खुलकर स्वीकार किया कि व्यापक विपक्षी गठबंधन 48 सीटों के साथ उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने आइसेनकोट के चुनाव अभियान को "अहंकारी" करार देते हुए आलोचना भी की। हालांकि, लिबरमैन का यह कदम पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के 'बी'याचाद' (B'Yachad) गुट के रुख से मेल खाता है, जिसने भी आइसेनकोट की दावेदारी का समर्थन किया है।

यह टकराव एक ऐसे चुनावी नतीजे के बाद सामने आया है, जिसमें 120 सदस्यों वाली 'नेसेट' (संसद) में विपक्षी गठबंधन को 67 सीटें मिली हैं, जबकि सत्ताधारी गठबंधन को 53 सीटें हासिल हुई हैं। हालांकि, अरब-समर्थित दलों पर निर्भर हुए बिना सरकार बनाने के मामले में विपक्ष के सामने अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं।

राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राजनीतिक नेताओं से लचीलापन दिखाने और एक और चुनाव की नौबत आने से रोकने के लिए समाधान खोजने की अपील की है। 10 नवंबर को नई 'नेसेट' के शपथ ग्रहण से पहले, राष्ट्रपति 4 नवंबर को आधिकारिक चुनावी नतीजे प्राप्त करेंगे और उसके बाद विभिन्न राजनीतिक गुटों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू करेंगे।