2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दूषित मछली खाने के बाद महिला की बिगड़ी तबीयत, काटने पड़े दोनों हाथ-पैर

Tragedy With An American Woman: अमेरिका में एक महिला को दूषित मछली खाना काफी भारी पड़ गया। कैसे? आइए जानते हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 18 Sep 2023, 3:23 PM IST

laura_barajas_had_to_have_her_arms-legs_amputated.jpg

Laura Barajas in hospital

मांसाहारी खाने वाले मछली को भी बड़े ही शौक से खाते हैं। पर मछली खाना रिस्की भी होता है और कभी से इसकी वजह से लेने के देने भी पड़ सकते हैं। अमेरिका (United States of America) की एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ जिसने डिनर में एक दूषित मछली का सेवन कर लिया। यह मामला अमेरिका के कैलिफोर्निया (California) राज्य के सैन जोस (San Jose) शहर का है, जहाँ 40 वर्षीय लॉरा बाराजस (Laura Barajas) के साथ एक दूषित मछली खाने पर कुछ ऐसा हुआ कि उसकी ज़िंदगी अब पहले जैसी नहीं रही।


दूषित मछली खाने से तबीयत हुई गंभीर खराब

रिपोर्ट के अनुसार लॉरा जुलाई के आखिरी में एक लोकल मार्केट से तिलापिया मछली खरीद कर लाई थी। उस मछली को लॉरा ने पकाकर डिनर में खाया, पर उसे खाने के कुछ दिन बाद ही लॉरा की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत ज़्यादा बिगड़ने पर लॉरा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ पता चला कि मछली को सही से नहीं पकाया गया था इस वजह से उसमें बैक्टीरिया रह गए थे। इससे लॉरा को विब्रियो वल्निकस हो गया, जो एक जीवाणु संक्रमण है। इस वजह से लॉरा की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई।

जान बची, पर काटने पड़े दोनों हाथ-पैर

लॉरा की एक दोस्त ने बताया कि डॉक्टरों ने उसे दवा देकर कोमा में डाल दिया। उसकी उंगलियाँ, पैर और निचला होंठ काले पड़ गये थे। उसे पूरी तरह से सेप्सिस था और उसकी किडनी खराब हो रही थी। ऐसे में लॉरा की जान को खतरा था। उसे रेस्पायरेटर पर रखा गया था। अस्पताल में एक महीने रहने के बाद सर्जरी के ज़रिए लॉरा की जान तो बच गई, पर डॉक्टरों को उसके दोनों हाथ-पैर काटने पड़े।


जानलेवा होता है विब्रियो वल्निकस

डॉक्टरों ने बताया कि विब्रियो वल्निकस अधपका सीफूड खाने से हो सकता है। समुद्री जीवों में कई तरह के जीवाणु होते हैं जो सही से पकाने पर ही जाते हैं। अमेरिका के सीडीसी के अनुसार देश में हर साल इस संक्रमण के लगभग 150-200 मामले सामने आते हैं और संक्रमण से पीड़ित पांच में से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। कभी-कभी तो बीमार होने के एक से दो दिन के भीतर ही पीड़ित व्यक्ति की मौत हो जाती है।

यह भी पढ़ें-किम जोंग उन को नॉर्थ कोरिया लौटने से पहले रूस ने दिए खास गुडबाय गिफ्ट्स, जानिए क्या