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Nepal Flash Flood में लापता 500 विदेशियों में से 300 भारतीय: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल

Nepal flood India help: नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 163 पहुंची, 300 भारतीयों सहित 500+ लोग लापता। भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री, पीएम मोदी ने नेपाली पीएम से की बात।
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Shishir Khanal on India-Nepal border dispute.

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से हाथ मिलाते हुए। (File Photo- IANS)

Nepal Flood: नेपाल में फ्लैश फ्लड के चलते 175 लोगों की मौत हो चुकी है। 700 से अधिक लोग लापता हैं। इनमें 500 विदेशी हैं। करीब 300 भारतीय भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि लापता हुए 500 से ज्यादा विदेशियों में लगभग 300 भारतीय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से दुनिया भर की सरकारों के संपर्क में भी रहा हूं और कोई भी देश उसी तरह की मदद की उम्मीद करता है, जैसा भारत कर रहा है।

ईशा फाउंडेशन के 80 लोग लापता

तिब्बत और नेपाल की सीमा पर आई भीषण बाढ़ पर आध्यात्मिक गुरु व ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने गहरा दुख जताते हुए स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि जिस स्तर पर तबाही हुई है, उसे देखते हुए अभी नुकसान का सही आंकड़ा सामने आना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि उनके संगठन से जुड़ा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया एक समूह बाढ़ की चपेट में आया, जिसमें 80 लोग शामिल थे।

सद्गुरु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया कि वह खुद घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सभी फोन और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं बंद हैं और रास्ते भी बाधित हैं। ऐसे में प्रभावित इलाके में संपर्क करना बेहद मुश्किल हो गया है। वह भारतीय, चीनी और अमेरिकी दूतावासों के जरिए वहां पहुंचने की अनुमति लेने की कोशिश कर रहे हैं ताकि राहत और बचाव के काम में मदद की जा सके।

सद्गुरु ने बताया, "हमारे ग्रुप में से एक एस3 ग्रुप जिससे हम सागर में मिले थे और फिर दोबारा तब मिले जब हम ऊपर ट्रेकिंग कर रहे थे और वे नीचे आ रहे थे। इस ग्रुप में 80 लोग शामिल थे जिनमें 34 पुरुष और 46 महिलाएं थीं। इनमें से 22 लोग अमेरिका, 12 कनाडा, 11 ऑस्ट्रेलिया, 9 यूनाइटेड किंगडम, 4 जर्मनी, 3 फ्रांस, 3 नेपाल, 2 नीदरलैंड, 2 न्यूजीलैंड, 2 सिंगापुर और 2 स्पेन से थे। फिनलैंड, हंगरी, इजराइल, लिथुआनिया, फिलीपींस, पुर्तगाल, रूस और दक्षिण अफ्रीका से एक-एक व्यक्ति ग्रुप में शामिल था।

भारत ने भेजी 35 टन राहत सामग्री

भारत ने नेपाल में आपदा आने के बाद मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। भारत सरकार ने बुधवार को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। कुल 10 टन जरूरी सामान लेकर भारतीय वायुसेना का C-130J विमान काठमांडू के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर लैंड किया। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।

राहत सामग्री भेजने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की थी। पीएम मोदी ने नेपाल के लोगों के प्रति एकजुटता जताते हुए हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भारत की टीमें नेपाल में राहत और बचाव प्रयासों के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय कर रही हैं।