8 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नाइजीरिया के बोर्नो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, बच्चे तेजी से हो रहे लापता, सुरक्षा पर उठे सवाल

Nigeria Kidnapping: बोर्नो में किडनैपिंग ने परिवारों को उजाड़ कर रख दिया है। यहां मासूम बच्चे तेजी से गायब हो रहे हैं। फिर बाद में फिरौती मांगी जा रही है। मजबूरन परिवार वालों को संपत्ति बेचनी पड़ रही है। जमा पैसा तेजी से खत्म हो रहा है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Saurabh Mall

•

Oct 08, 2026

Nigeria kidnapping

किडनैपिंग ने छीनी कई बोर्नो परिवार की खुशियां (सोर्स- एक्स स्क्रीनशॉट Northern Magazine और Martia)

Nigeria Security Crisis: नाइजीरिया के बोर्नो में परिवार डर के साये में जी रहे हैं। किडनैपिंग ने उनकी जिंदगी बदल दी है। किसी का बच्चा गायब है। किसी का पति या पत्नी कैद में है। वहीं कई परिवार फिरौती जुटाने के लिए अपनी जमा पूंजी तक खत्म कर चुके हैं।

किडनैपर्स की धमकियों ने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी है। अपनों को वापस लाने के लिए परिवार जानवर बेच रहे हैं। कर्ज ले रहे हैं। यहां तक कि जमीन और दूसरी संपत्तियां भी बेचनी पड़ रही हैं।

फिरौती के लिए बेचनी पड़ रही है संपत्ति

अल-जजीरा के रिपोर्ट के मुताबिक, मूसा अब्दुल्लाही वकावा की कहानी इस संकट की गंभीरता दिखाती है। उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी और सात साल के बेटे को किडनैप कर लिया गया है। इसके बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल था। फिरौती की रकम कहां से आएगी? मूसा कई दिनों तक अपने परिवार को वापस लाने का रास्ता खोजते रहे। लेकिन किडनैपर्स की मांग ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी।

नॉर्थ-ईस्ट नाइजीरिया में ऐसे कई परिवार हैं। कोई अपने जानवर बेच रहा है। कोई कर्ज ले रहा है। कोई अपनी संपत्ति बेचने को मजबूर है। कई लोगों की सालों की बचत खत्म हो रही है। इस संकट ने परिवारों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से तोड़ दिया है।

महीनों बाद भी अपनों का इंतजार

वहीं 45 साल की लाराबा दौदा आज भी अपनी बहन की आखिरी फोन कॉल नहीं भूल पातीं। उनके मुताबिक, 13 जनवरी 2026 को उनकी बहन को बिउ-बुराताई रोड से किडनैप किया गया था। किडनैपिंग के कुछ देर बाद उनकी बहन ने फोन किया। वह झाड़ियों में थी। उसने बताया कि कुछ अनजान लोगों ने उन्हें पकड़ लिया है। कॉल आंसुओं के साथ खत्म हुई। उसके बाद से परिवार को उनकी कोई पक्की खबर नहीं मिली। महीनों बाद भी लाराबा को नहीं पता कि उनकी बहन कहां है। वह सुरक्षित है या नहीं। परिवार अब सरकार से मदद की अपील कर रहा है।

अल-जजीरा के रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी ही कहानी अंजिक्वी हेना के परिवार की है। उनके बेटे को 30 मार्च 2026 को किडनैप किया गया। वह पढ़ाई पूरी कर चुका था। नौकरी की तलाश में मैदुगुरी जाने वाला था। लेकिन उसका यह सफर कभी पूरा नहीं हुआ।

स्कूलों पर भी मंडरा रहा खतरा

किडनैपिंग का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बोर्नो के अस्किरा-उबा इलाके में 113 प्राइमरी स्कूलों में से सिर्फ 56 स्कूल चल रहे हैं। मई में मूसा पर हुए हमले के बाद कई स्कूल बंद कर दिए गए। हमले में दर्जनों बच्चों के किडनैप होने की खबर सामने आई। अलग-अलग आंकड़ों के बीच बोर्नो सरकार ने करीब 44 बच्चों के अब भी लापता होने की बात कही है।

29 जून को लासा के एक सरकारी स्कूल पर भी हमला हुआ। उस समय छात्र परीक्षा दे रहे थे। कुछ छात्रों को बचा लिया गया। लेकिन 36 छात्र और एक शिक्षक के कैद में होने की खबर सामने आई। अब बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। कुछ छात्रों को दूसरे स्कूलों में भेजा गया है। स्कूलों के आसपास सैनिक और स्थानीय सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

बोर्नो की यह तस्वीर पूरे नाइजीरिया के बड़े किडनैपिंग संकट की ओर इशारा करती है। एमनेस्टी इंटरनेशनल नाइजीरिया के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच देश में कम से कम 1,100 लोगों को किडनैप किया गया। कई परिवार आज भी अपने अपनों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। उनके लिए यह सिर्फ सुरक्षा का संकट नहीं है। यह उनकी बचत, बच्चों की पढ़ाई और पूरे भविष्य का संकट बन चुका है।