4 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहली बार सामने आया उत्तर कोरिया का न्यूक्लियर फ्यूल प्लांट, किम जोंग ने कहा- 5 साल में दोगुना बढ़ा उत्पादन

Kim Jong ने नई न्यूक्लियर फैक्ट्री का निरीक्षण कर दावा किया कि पांच साल में यूरेनियम उत्पादन दोगुना हुआ है और परमाणु ताकत तेजी से बढ़ रही है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ankit Sai

Jun 04, 2026

Kim Jong

किम जोंग (X Photo)

North Korea Secret Nuclear Plant: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उन्होंने एक नई गुप्त परमाणु ईंधन उत्पादन फैक्ट्री का निरीक्षण करते हुए दावा किया कि 'पिछले पांच सालों में वेपन्स-ग्रेड यूरेनियम उत्पादन क्षमता को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है।' इस दौरान किम ने अमेरिका और साउथ कोरिया को सीधे तौर पर दुश्मन बताते हुए परमाणु ताकत को तेजी से बढ़ाने की चेतावनी दी। KCNA की रिपोर्ट के अनुसार, यह अत्याधुनिक न्यूक्लियर सुविधा परमाणु कार्यक्रम के विस्तार में अहम भूमिका निभा रही है, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया है।

5 साल में दोगुना यूरेनियम उत्पादन

किम जोंग उन बुधवार को इस 'नवनिर्मित परमाणु सामग्री उत्पादन कारखाने' का निरीक्षण करने पहुंचे थे। किम जोंग ने दावा किया कि नॉर्थ कोरिया ने पिछले 5 सालों में वेपन्स-ग्रेड यूरेनियम की उत्पादन क्षमता को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। वैज्ञानिकों के बीच खड़े किम जोंग उन ने दुश्मनों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, 'हमारे राज्य के परमाणु बलों को तेजी से और बड़े पैमाने पर मजबूत बनाने के लिए तैयार की गई एक महत्वाकांक्षी भविष्य की योजना।'

अमेरिका से बचने का एकमात्र रास्ता 'परमाणु'

इसी बीच, उत्तर कोरियाई मीडिया ने इस प्लांट के अंदर की कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं। इन तस्वीरों में एक बड़ा 'सेंट्रीफ्यूज हॉल' दिखाई दे रहा है। यह इस बात का पुख्ता सबूत है कि इस प्लांट में बेहद एडवांस और 'सोफिस्टिकेटेड टेक्नोलॉजी' का इस्तेमाल करके तेजी से न्यूक्लियर बम बनाने का फ्यूल तैयार किया जा रहा है

लेकिन अब सवाल यह उठता है कि किम जोंग अचानक इतने गुस्से में क्यों हैं दरअसल, मार्च में जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी, तब किम जोंग ने वाशिंगटन पर 'वैश्विक आतंकवाद और आक्रामकता' का खुला आरोप लगाया था। तभी से किम को लगता है कि अगर अमेरिका और साउथ कोरिया से बचना है, तो परमाणु हथियारों का स्टॉक बढ़ाना ही एकमात्र रास्ता है।

अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां बेअसर

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने भी इस खतरे को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था। अप्रैल में उन्होंने कहा था कि उनकी एजेंसी ने नॉर्थ कोरिया की परमाणु सुविधाओं में एक तेजी से वृद्धि की पुष्टि की है।

नॉर्थ कोरिया पर परमाणु हथियारों के विकास और बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक के इस्तेमाल को लेकर कई कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं। लेकिन प्योंगयांग ने हमेशा इन पाबंदियों को जूते की नोक पर रखा है। अब देखना यह है कि दुनिया के इस सबसे सनकी तानाशाह के नए एटमी कदम पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।

कहां छिपा है किम जोंग का न्यूक्लियर प्लांट

इस नए न्यूक्लियर प्लांट की सटीक लोकेशन को पूरी तरह से टॉप सीक्रेट रखा गया है। यह वही जगह है जहां परमाणु बम बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज यानी वेपन्स-ग्रेड यूरेनियम तैयार किया जा रहा है। इस बीच, साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने तुरंत एक्शन में आते हुए इस साइट का आकलन किया। साउथ कोरियाई सेना के मुताबिक, यह एक यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) प्लांट है। इस खतरे को देखते हुए साउथ कोरिया और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां मिलकर नॉर्थ कोरिया की हर हरकत पर पैनी नजर रख रही हैं।