
Israel Palestine War
इजरायल और आतंकी संगठन हमास के बीच बीते चार दिनों से युद्ध जारी है। इस खूनी संधर्ष में में अब तक 700 इजराइली और 450 फिलिस्तीनियों की जानें गई हैं, जबकि हजारों लोग इसमें घायल हैं। सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने दक्षिणी सीमावर्ती शहरों के मेयरों से बात करते हुए कहा कि गाजा के नागरिकों को हमास के नियंत्रण वाले सभी जगहों से सुरक्षित स्थान पर पर जल्द से जल्द पहुंचाया जाए। उन्होंने हमास को चेतावनी देते हुए कहा कि हमला बदला पूरे मिडिल ईस्ट का नक्शा बदल देगा।
अब तम 1200 लोगों की मौत
इजरायल में 700 से अधिक और गाजा में 400 से अधिक लोग मारे गए हैं। इसके अलावा, गाजा में 100,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। हमास का दावा है कि उसने 100 अधिक इजरायलियों को बंधक बना रखा है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के अनुसार इजरायली हमलों के बाद गाजा में 1 लाख 23 हजार लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। करीब 74 हजार लोग स्कूलों में शेल्टर ले रहे हैं।
युद्ध के बीच खड़े हो रहे ये सवाल
अब सवाल ये उठ रहा है कि इजरायल के सामने हमास कैसे खड़ा हो रहा है, हमास को बंदूके और गोला बारूद कौन सप्लाई कर रहा है। इसको कहां से पैसा मिल रहा है?
दरअसल, हमास एक आतंकी संगठन है और इसको कई देशों से फंडिंग और मदद मिलती आ रही है। लेकिन कुछ देश ऐसे है जो प्रमुख रूप से इसका सहयोग करते है। इन देशों में ईरान (Iran) और तुर्की (Turkey) का नाम सबसे ऊपर आता है। ईरान ही काफी सालों से हमास को पैसा और हथियार सप्लाई करता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, आतंकी समूह ईरान और टर्की के अलावा इस्लामिक चैरिटी के रूप में कुछ अन्य देश भी हमास को पैसा पहुंचाते हैं। इस्लामिक और खाड़ी देशों से मिली फंडिंग को फिलिस्तीन नेशनल अथॉरिटीज (Palestinian National Authorities) द्वारा हमास तक पहुंचाया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमास को सलाना करीब 100 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलती है।
पूर्व पीएम हमास के खिलाफ लड़ाई में सैनिकों के साथ हुए शामिल
इजरायल-हमास युद्ध के बीच पूर्व इजरायली पीएम युद्ध के मैदान में सैनिकों के साथ शामिल होकर जवानों का हौंसला बढ़ाते दिखे। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा के नागरिकों को हमास के ठिकानों से दूर चले जाने की चेतावनी दी। नेतन्याहू ने कहा कि हमास के ठिकानों को मलबे में तब्दील कर दिए जाएंगे। दशकों में संघर्ष की सबसे खूनी वृद्धि में हमास ने बड़े पैमाने पर रॉकेट हमले और जमीन, हवा और समुद्री हमले किए।
Updated on:
9 Oct 2023, 9:03 PM IST
Published on:
9 Oct 2023, 9:01 PM IST
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