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भाजपा विधायक और पार्षदों के बीच आखिर क्यों छिड़ी है जंग, ​जानिए

नगर निगम में हंगामा करते हुए पार्षदों ने लगाए विधायक पर आरोप
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आगरा

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Abhishek Saxena

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Updated: 2 May 2018, 6:56 PM IST

agra

आगरा। भाजपा के विधायक द्वारा लिखा गया पत्र बखेड़ा खड़ा कर रहा है। नगर निगम में बुधवार को पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। भाजपा विधायक के खिलाफ पार्षदों ने आरोप भी लगाए। नगर आयुक्त से मुलाकात कर पार्षदों ने शिलान्यास पट्टिकाओं पर विधायक के साथ साथ स्थानीय पार्षद के नाम भी लिखे होने की मांग उठाई। पार्षदों ने तर्क दिया कि जब भी विकास कार्यों की बात आती है सबसे पहले जनता पार्षदों के सामने खड़ी होती है।

शिलान्यास पट्टिकाओं पर विधायक के नाम का खत
बता दें कि भाजपा विधायक के पत्र ने खलबली मचा रखी है। उन्होंने पत्र में लिखा था कि सडक निर्माण के पत्थर पर नगर आयुक्त अरुण प्रकाश अपना नाम लिखवाना चाहें तो ठेकेदारों से 27 फीसद कमीशन लेना बंद कर दें। उन्होंने हिदायत दी कि सड़क निर्माण के लिए लगाए जाने वाले पत्थर पर मेयर, क्षेत्रीय विधायक और पार्षद और कार्यदायी संस्था का ही नाम लिखें, इसके अलावा किसी और का नाम नहीं होना चाहिए। विधायक और पार्षदों के बीच छिड़े इस प्रकरण में कर्मयोगी फुव्वारा से वैभव नगर कमला नगर तक रोड के निर्माण की स्वीकृति पर ठनी हुई है। जहां विधायक जगन प्रसाद गर्ग रोड के स्वीकृत होने का दावा कर रहे हैं तो वहीं क्षेत्रीय पार्षद ने रोड को अभी तक स्वीकृत नहीं होने का दावा किया है।

पार्षद ने दी ये दलील
वार्ड 87 के पार्षद रवि शर्मा का कहना है कि विधायक जी ने कर्मयोगी रोड के स्वीकृत होने का दावा किया है। जिसका बजट 32.79 लाख रुपये है। लेकिन, पिछले साल पूर्व पार्षद शालिनी शर्मा ने इस सड़क के लिए कड़ी मेहनत की और ये रोड स्वीकृत हुई। दस-दस लाख रुपये की दो फाइलें भी बनी थीं। दोनों कार्यों में डॉ.सांसद राम शंकर कठेरिया ने मदद की थी। इसके साक्ष्य भी हैं। इसी तरह गोपाल कुंज की 19.70 लाख रुपये की रोड की स्वीकृत का दावा किया है। जबकि ऐसी रोड स्वीकृत हुई ही नहीं है। यह कार्य विधायक निधि से नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो कार्य पार्षद निधि से हुए हैं उनकी शिलान्यास पट्टिका पर विधायक का नाम नहीं आना चाहिए।

सीएम से कर चुके हैं विधायक शिकायत
विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने नियम 301 का हवाला देते हुए शिकायत की कि विकास कार्यों की पटिटका पर मेयर, विधायक और पार्षद का नाम लिखना अनिवार्य है। लेकिन, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ऐसा नहीं कर रहे हैं।

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