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भाजपा विधायक की दबंगई, कमरा न मिलने पर कर्मचारियों को पीटा

सर्किट हाउस में रात भर चला हंगामा, कर्मचारियों ने उठाई न्याय या ट्रांसफर की मांग
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आगरा

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Abhishek Saxena

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Updated: 8 Jun 2018, 5:39 PM IST

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आगरा। महोबा जिले के चरखारी से भारतीय जनता पार्टी के विधायक ने सर्किट हाउस में जमकर हंगामा किया। भाजपा विधायक ब्रजभूषण राजपूत पर आरोप लगे हैं कि सर्किट हाउस में कमरा मिलने में देरी होने पर उन्होंने और उनके सुरक्षाकर्मियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की। कर्मचारियों ने कमरे की चाबी जबरदस्ती ले ली। शुक्रवार को जब विधायक गए तो कर्मचारियों को धमकी दे गए। इस बात से आहत कर्मचारियों ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सर्किट हाउस आए थे भाजपा विधायक
महोबा जिले के चरखारी से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत गुरुवार की देर रात सर्किट हाउस आए थे। बताया गया है कि उनके साथ आधा दर्जन और लोग भी थे, जिनमें सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे। विधायक ने सर्किट हाउस में कार्यरत चौकीदार हरीसिंह, सुभाष तिवारी और रामप्रकाश से कमरे की मांग की। आरोप है कि जब चौकीदारों ने अधिकारियों से कमरे के बाबत पूछताछ करने के लिए कहा तो विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विधायक ने कर्मचारियों से मारपीट कर चाबी छीन ली।

एडीएम प्रोटोकाल के क्लर्क सचिन ने खोल दिया कमरा नंबर 106
इस बात की सूचना पर एडीएम प्रोटोकाल के क्लर्क सचिन ने कमरा नंबर 106 विधायक के लिए खुलवा दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अपने लिए रूम खोलने के लिए कहा। कर्मचारियों ने जब वेटिंग रूम में इंतजार करने को कहा तो फिर से हंगामा हो गया और कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी गई। सुबह जब विधायक गए तो कर्मचारियों को एक बार फिर से धमकी देकर निकले। इस बात से आहत कर्मचारी विधायक के विरुद्ध लामबंद हुए और जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए या फिर उनका ट्रांसफर कर दिया जाए। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा।

क्या कहना है विधायक का

इस मामले में भाजपा विधायक ब्रजभूषण राजपूत का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। रात्रि में सचिन ने खुद को एडीएम प्रोटोकॉल बताया था। वह नशे में था। मुझे एक घंटे तक इंतजार कराया, जबकि सक्रिट हाउस में रूम खाली था। उन्हें तो बहुत देर बाद पता चला कि यह एडीएम नहीं, एडीएम का बाबू है। उन्होंने इस बारे में एडीएम और डीएम को अवगत करा दिया है। शासन को भी बता रहे हैं कि किस तरह से विधायक के साथ अभद्रता की गई।

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