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आगरा। एनसीसी आर्मी विग, आगरा कॉलेज, आगरा द्वारा स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती के पूर्व संध्या पर केडी छात्रावास स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को धोकर साफ किया। विचार गोष्ठी का आयोजन किया। प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार माहेश्वरी एवं कम्पनी कमाण्डर ले. अमित अग्रवाल ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर कहा गया कि स्वामी विवेकानंद के दर्शन से ही विश्व को विनाश से बचाया जा सकता है। सभी को सलाह दी गई कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में उतारें।
विदेश में भारत की धर्मध्वजा को फहराया
इस अवसर पर छात्रावास में आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार माहेश्वरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही सम्पूर्ण विश्व में भारत की धर्म ध्वजा को पुनः फहरा कर उस समय के विश्व के लोगों का ध्यान भारत की ओर खींचने का महत्वपूर्ण कार्य किया। एनसीसी कैडेट्स युवा हैं, उन्हें अनुशासन के साथ ही स्वामी विवेकानंद के चरित्र निर्माण के सन्देशों को अपने जीवन में समावेश करना चाहिये। आज जब देश के कुछ शिक्षा परिसरों से देश को तोड़ने की आवाज सुनाई देती है, तब विवेकानंद जी का आदर्श ही इन भटके हुए युवाओं को सही राह दिखा सकता है।
पाखंडियों को ललकारा
कम्पनी कमाण्डर लेफ्टिनेंट अमित अग्रवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण सन्देश दिये हैं। उन्होंने छूआछूत से लेकर अन्धविश्वास, देशभक्ति से लेकर अध्यात्म, चरित्र व उत्तम स्वास्थ्य तक समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अपने विचारों एवं दर्शन का प्रभाव छोड़ा है। सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध उन्होंने पाखण्डियों को सदैव ललकारा। उनके जीवन की अनेक घटनायें आज के परिपे्रक्ष्य में प्रत्येक भारतवासी को प्रभावित करती है। आज जब सम्पूर्ण विश्व विनाश के कगार पर खड़ा है, तब केवल स्वामी जी के दर्शन से ही विश्व को इस तबाही से बचाया जा सकता है।
व्यक्तित्व प्रभावी बनाएं
आगरा कॉलेज के चीफ वार्डन डॉ. बीके चिकारा एवं केडी छात्रावास के वार्डन डॉ. एके सिंह ने स्वामी जी के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं की चर्चा की। अपील की कि छात्र स्वामीजी के आदर्शां को अपनाकर अपने व्यक्तित्व को प्रभावी बना सकते हैं। गोष्ठी में तनिष्का माथुर, वेदवनती, प्रियंका, अमित, साहिल बघेल, रेश्मा आदि कैडेट्स ने भी अपने विचार प्रगट किये। आभार सार्जेन्ट धीरज सोलंकी ने किया। गोष्ठी का संचालन महिमा चैधरी ने किया। एसयूओ शिवानी, यूओ विश्वजीत सिकरवार, गुलफान, वेदपाल, अजीत, लवकुश गोला, प्राची, प्रशान्त चौधरी, यश नायक, संतोष ओली आदि कैडेट्स ने व्यवस्थाएं सम्भालीं।
Published on:
11 Jan 2020 06:42 pm
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