आगरा। सन् 1674 में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी को शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ था, जिसे आनंदनाम संवत् का नाम दिया गया। महाराष्ट्र में पांच हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रायगढ़ किले में एक भव्य समारोह हुआ था। इसके पश्चात् शिवाजी पूर्णरूप से छत्रपति अर्थात् एक प्रखर हिन्दू सम्राट के रूप में स्थापित हुए। इस दिवस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव के रूप में मनाता है। इस दिन संघ की शाखाओं पर पूर्ण गणवेश में बौद्धिक हुआ। छत्रपति शिवाजी के जीवन से सीख लेने की प्रेरणा दी गई। कहा गया कि जो लोग देश और समाज के लिए कार्य करते हैं, उनकी कभी हार नहीं होती है। विपरीत परिस्थितियों में काम करके ही व्यक्ति महान बनता है।