26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जूनियर डॉक्टर ने रिहाई के बाद दिखाए जख्म, बार में शराब को लेकर हुआ था बखेड़ा

आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने अपने शरीर पर पुलिस के डंडों के निशान दिखाए। कहा कि पुलिस ने जिंदगी भर का जख्म दिया है। 15 में से चार जेल से रिहा हो गए। बता दें कि शनिवार रात को अशोका होटल एंड बार में तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने एसएन इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्रों पर डंडे बरसाए थे। ये खबर भी पढ़ सकते हैं: कासगंज सदर विधायक की दबंगई, जेई को पीटा, वीडियो हुआ वायरल
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

आगरा

•

image

Abhishek Saxena

•

Updated: 19 Sep 2018, 11:38 AM IST

medical stident

जूनियर डॉक्टर ने रिहाई के बाद दिखाए जख्म, बार में शराब को लेकर हुआ था बखेड़ा

होटल में तोड़फोड़ के साथ पुलिसकर्मियों से हुई थी मारपीट
होटल में तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामले में दो दिन से 15 जूनियर डॉक्टर जेल में थे। पुलिस ने इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जिला जेल में मंगलवार शाम तक वरुण, सुनील, कृष्णकांत और आयुष की रिहाई के पेपर पहुंच गए। इसके बाद चारों को जेल से रिहा कर दिया गया। शेष की रिहाई आज होनी है। अधिवक्ताओं के माध्यम से सीजेएम सर्वजीत सिंह की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। अदालत ने केस डायरी तलब करते हुए मंगलवार को सुनवाई के आदेश दिए थे। दीवानी में सभी जूनियर डॉक्टरों के परिजन पहुंच गए। जूनियर डॉक्टरों के अधिवक्ताओं ने उन्हें बेकसूर बताते हुए जमानत देने की प्रार्थना की। सीजेएम ने बीस-बीस हजार की जमानत राशि पर रिहाई के आदेश दे दिए। जमानत होते ही परिजनों के चेहरे खिल गए।

ये खबर भी पढ़ सकते हैं: बार में शराब के लिए हंगामा और तोड़फोड़ करने वाले 15 जूनियर डॉक्टरों को मिली जमानत

ये खबर भी पढ़ सकते हैं: राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आने की तैयारियों के बीच कुलपति का हो रहा विरोध

ये हुए रिहा, छूट गए जमानती लाने के लिए पसीने
रिहाई के लिए पवन कुमार, रीतेश कुमार, अभिजीत, प्रत्यूष मिश्र, श्यामेंद्र पाठक, अमित कुमार गौड़, वरुण गर्ग, जैनूल, सचिन, सदांशु, सुनील, कुलकेश, कृष्णकांत, तुषार और आयुष के परिजनों को जमानती जुटाने में पसीने छूट गए। 15 जूनियर डॉक्टरों के लिए 30 जमानतियों की आवश्यकता थी। जमानत होने के बाद रिहाई के कागजात तैयार नहीं हो सके। जूनियर डॉक्टरों के जेल जाने के बाद आईएमए आगरा ने ऐलान किया था कि यदि उनकी रिहाई 48 घंटे में नहीं हुई तो आईएमए हड़ताल कर देगी। डॉक्टर्स ने इसके लिए काली पट्टी बांधकर भी प्रदर्शन किया था। जूनियर चिकित्सकों के जेल से रिहाई होने के बाद अब जख्मों पर घमासान मचना शुरू हो गया है।

बड़ी खबरें

View All

आगरा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग