
भगवान ऐसा बाप और बड़ा भाई किसी को ना दे...लिखकर फंदे पर लटक गई किशोरी
आगरा। तीन दिन से घर में गैस नहीं थी, चूल्हा ठंडा पड़ा था। आटा के बर्तन भी खाली पड़े थे। मां और बेटी को खाना नहीं मिला। भूख से बदहाल बेटी अपनी मां का दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकी और फंदे पर लटक कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर डाली। अपने तीन पेज के सुसाइड नोट में उसने जो बातें लिखी हैं वे बहुत ही मार्मिक हैंं। पुलिस अब पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।
सुसाइड की बातों ने चौंकाया
थाना एत्माउद्दौला क्षेत्र के यमुना पार स्थित प्रकाश नगर में नेकराम अपने परिवार के साथ रह रहा था। उसके परिवार में दो बेटे, बेटी, उसकी मां थी। शुक्रवार की रात बेटी दुर्गेश का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। दुर्गेश की मौत की खबर पुलिस को दी गई। मौके पर जब पुलिस ने छानबीन की तो तीन पेज का एक सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में जो बातें लिखी थीं वे चौंकाने वाली थीं। दुर्गेश ने सुसाइड में लिखा कि घर में गैस खत्म हो गई, तीन दिन से आटा नहीं है। पिता हर रोज एक हजार से पंद्रह सौ रुपये कमाते थे लेकिन, बुआ और दादी की बात मानने के चलते घर में पैसे नहीं देते। बड़ा भाई घर में आग लगा चुका है और घर को संभालने की बजाए घर में तोड़फोड़ करता है। दादी बुआ के घर चली गई और पिता को भूख लगती है तो वे बुआ के घर खाना खाते हैं। ऐसा बाप किसी को ना दे।
छोटे भाई की वजह से जिंदा लेकिन, अब कैसे रहें
दुर्गेश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपने छोटे भाई की वजह से ही जिंदा है, लेकिन कब तक जिंदा रह सकती है। घर पर आटा नहीं है, गैस नहीं हैं। भगवान ऐसा बाप और बड़ा भाई किसी को ना दे। पुलिस ने दुर्गेश के शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नेकराम की आर्थिक स्थिति अच्छी थी बावजूद इसके तीन दिन तक घर पर आटा क्यों नहीं लाया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में छानबीन कर रही है।
Published on:
15 Jul 2018, 10:11 AM IST
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