
SP singh baghel
आगरा। सुप्रभा रूफटॉप प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) भारत में विभिन्न उद्योगों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए सॉफ्ट लोन देगा। इसके लिए विश्व बैंक ने 625 मिलियन डॉलर का बजट निर्धारित किया है। फैडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा होटल कोर्टयार्ड मैरिएट में आयोजित ऑल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार में यह जानकारी दी गई। सेमिनार में विश्व बैंक व एसबीआई की सर्वे टीम ने कोल्ड संचालकों की सोलर सिस्टम लगाने में आ रही समस्याओं को समझा। आशा की जा रही है कि कोल्ड संचालक अब सोलर सिस्टम को तरजीह देंगे।
50 फीसदी अनुदान मिले
कोल्ड संचालकों ने बताया कि सरकार से सब्सिडी और बैंक से लोन प्राप्त करने में चप्पल घिस जाती हैं। फैडरेशन के अध्यक्ष महेन्द्र स्वरूप ने कहा कि जब तक सरकार 50 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान नहीं करती, कोई कोल्ड संचालक अधिक बजट के कारण सोलर सिस्टम नहीं लगा पाएगा। 50 प्रतिशत सब्सिडी होने पर यदि कोल्ड संचालक इस ओर कदम बढ़ाते हैं तो पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के साथ बिजली विभाग पर लोड बहुत कम हो जाएगा। बिजली बिल की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। इसका लाभ किसानों को मिल सकता है।
10 प्रतिशत निकासी हर महीने करो
16 राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने प्रांत की रिपोर्ट प्रस्तुत की। यूपी की रिपोर्ट में कहा गया कि यहां शीतगृहों में आलू का 75 प्रतिशत भंडारण हुआ था और निकासी अब तक मात्र 25 प्रतिशत ही हुई है। यदि अक्टूबर तक पूरी निकासी नहीं हुई तो शीतगृह स्वामियों को लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए हर महीने कम से कम 10 प्रतिशत निकासी का लक्ष्य रखें।
क्षेत्र बजाजा कमेटी को शव वाहन दिया
सेमिनार में किर्लोसकर कम्पनी द्वारा आगरा की क्षेत्र बजाजा कमेटी को एक शव वाहन प्रदान किया गया। कम्पनी के एमडी आदित्य कौशिक ने कमेटी के राजीव पोद्दार व ज्ञानेन्द्र सिंह तोमर को चाबी प्रदान की। इस मौके पर फैडरेशन के अध्यक्ष महेन्द्र स्वरूप व सचिव राजेश गोयल भी मौजूद थे।
Published on:
28 Jul 2018, 7:30 AM IST
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