
Patrika Sting : 500 रुपए चार्ज है, आप 200 ही दे दो
अजमेर. स्मार्ट सिटी (smart city) के तहत विकसित किए गए सुभाष उद्यान (subhash udyan) में अवैध वसूली का खुलासा करने के लिए राजस्थान पत्रिका की टीम कैमरा गले में डाल कर सुभाष उद्यान के बाहर स्थित टिकट विंडो पर पहुंची। यहां बैठे ठेकेदार के कर्मचारी से जब शुल्क पूछा गया तो उसका कहना था कि छह रुपए प्रति व्यक्ति टिकट के अलावा 500 रुपए प्रति कैमरा (camera) अंदर ले जाने के लगेंगे।
पत्रिका टीम ने ठेकेदार के कर्मचारी के हाव-भाव भांपते हुए कैमरा चार्ज का टिकट देने की बात कही तो उसका कहना था कि 500 की जगह 200 रुपए दे दो तो टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उससे जब कहा गया कि हम किसी कम्पनी से आए हैं और वहां बिल पेश करना पड़ेगा तो उसका कहना था कि छह रुपए के टिकट के पीछे लिख कर दे देंगे कि 200 रुपए कैमरा चार्ज लिया गया है। इस शुल्क वसूली का खुलासा करने के उद्देश्य से पत्रिका टीम ने उसे 200 रुपए दे दिए और पर्ची पर लिखवा लिया।
महापौर की लताड़ पर ठेकेदार ने लगाई दौड़, लौटाए पैसे
सुभाष उद्यान में अंदर प्रवेश करने के बाद पत्रिका ने महापौर (mayor) धर्मेन्द्र गहलोत को फोन करके कैमरा शुल्क की जानकारी ली तो उन्होंने आश्चर्य जताया। उनका कहना था कि कैमरे का कोई शुल्क ही नहीं रखा गया है। पूरा माजरा समझने के बाद उन्होंने ठेकेदार को लताड़ लगाई तो ठेकेदार और उसके कर्मचारी पत्रिका टीम के पास पहुंचे और 200 रुपए लौटा दिए। साथ ही ठेकेदार ने कर्मचारियों को हिदायत भी दी कि आज से कैमरा शुल्क लेना बंद कर दें।
जुर्माने के नाम पर चल रहा है खेल
दरअसल छह रुपए के टिकट पर लिखा हुआ है कि सुभाष उद्यान में कोई अगर धूम्रपान करते हुए, शराब पीते हुए, डीएसएलआर कैमरा चलाते हुए या फूल तोड़ते पाया गया तो 1000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। ठेकेदार के लोग इसी की आड़ में यह वसूली कर रहे हैं। वह जुर्माना दिखाकर प्रवेश से पहले ही सैलानियों से कैमरे के नाम पर 200 से 500 रुपए वसूल लेते हैं।
देथा तक पहुंची शिकायत
एडवोकेट राजेश टंडन ने मामले की जानकारी मिलने पर नगरीय विकास विभाग के स्वायत शासन सचिव भवानी सिंह देथा से बात की। टंडन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अजमेर आने वाले जायरीन और आमजन को सरेआम लूटा जा रहा है। राज्य सरकार और नगर निगम (nagar nigam) का ठेकेदार पर कोई अंकुश नहीं है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए और तुरंत प्रभाव ठेका निरस्त किया जाना चाहिए।
ठेकेदार को चेताया
महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया कि ठेके में कैमरा शुल्क लिए जाने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। ठेकेदार ने अपने स्तर पर ही यह वसूली शुरू कर दी जो कि सरासर गलत है। पत्रिका के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसमें पूछा गया है कि किस आधार पर वसूली की गई है और अब तक कितनी वसूली की जा चुकी है। साथ ही चेतावनी दे दी गई है कि भविष्य में निर्धारित शुल्क के अलावा कोई वसूली की गई तो ठेका निरस्त कर दिया जाएगा।
(पत्रिका टीम : युगलेश शर्मा/जय माखीजा)
Published on:
1 Aug 2019, 6:04 AM IST
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