
नगर निगम के पूर्व उप महापौर सोमरत्न आर्य पर लगे नाबालिग लडक़ी से छेड़छाड़ के आरोप को लेकर मंगलवार को पीडि़ता के कोर्ट में बयान हो गए। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है। उधर मुकदमा दर्ज होने के बाद आर्य ने भाजपा जिलाध्यक्ष को पद से इस्तीफा भेजा पार्टी ने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया।
क्रिश्चियगंज थाना पुलिस ने कोटड़ा स्थित अपार्टमेंट और अन्य स्थानों का मौका-मुआयना किया। पीडि़त पक्ष के बयान भी लिए। पीडि़त किशोरी के पिता ने 30 जून को आर्य के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें उसने अपनी बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगा गया है। क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था।
पूरे शहर में चर्चा
आर्य के खिलाफ दर्ज मामला शहर में चर्चित हो गया। कांग्रेस और भाजपा सहित आमजन और संगठनों के पदाधिकारी इसको लेकर चर्चा करते रहे। यह मामला काफी दिन से चर्चा में था। इस मामले में पीडि़ता के पिता और आर्य के बीच मारपीट की बात भी सामने आई है। आर्य की सियासी पृष्ठभूमि के चलते पीडि़त किशोरी और उसके परिजन ने कई दिन तक कानूनी कार्रवाई नहीं की थी।
हार गए थे चुनाव
सोमरत्न आर्य शहर की कई संस्थाओं से जुड़े हैं। वे सामाजिक, सांस्कृतिक और खेलकूद संस्थाओं में पदाधिकारी भी हैं। भाजपा शहर उपाध्यक्ष होने के नाते उनका सियासी कद भी है। उन्होंने 2015 में पार्षद का चुनाव लड़ा था, जिसमें वे पराजित हो गए थे। वे पूर्व में नगर परिषद में उपसभापति भी रह चुके है।
इनका कहना है
प्रकरण में अनुसंधान किया जा रहा है। आरोपी की तलाश जारी है।
दिनेश कुमावत, थाना प्रभारी क्रिश्चियनगंज
भाजपा जिलाध्यक्ष ने स्वीकार किया इस्तीफा
नाबालिग लडक़ी से छेड़छाड़ के आरोप एवं मामला दर्ज होने के बाद भाजपा शहर उपाध्यक्ष सोमरत्न आर्य ने पद से इस्तीफा सौंप दिया। पार्टी की ओर से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। आर्य ने इस्तीफे में लिखा जब तक वह दोष मुक्त नहीं हो जाते तब तक पद पर नहीं बने रहना चाहते हैं। हेड़ा ने बताया कि आर्य पर जो भी आरोप लगे हैं उसमें कानून अपना काम कर रहा है।
पूर्व पार्षद गुर्जर ने की गिरफ्तारी की मांग
पूर्व पार्षद ललित गुर्जर ने जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा को ज्ञापन देकर आर्य को गिरफ्तार कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली पार्टी के पदाधिकारी की यह घटना निन्दनीय है। वहीं आर्य विभिन्न संस्थाओं में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, उन्हें सभी पदों से पदमुक्त किया जाए।
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए। जल्द ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
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Published on:
2 Jul 2019, 3:03 PM IST
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