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Appointment: मोदानी को जिम्मेदारी, फिर लगाया कार्यवाहक प्राचार्य

डॉ. डीगवाल के पास दो कॉलेज की जिम्मेदारी के चलते व्यस्तता बढ़ गई। महज आठ दिन में तकनीकी शिक्षा ने त्वरित फैसला किया।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 3 Sep 2019, 4:21 PM IST

engineering college ajmer

engineering college ajmer

अजमेर.

बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज (boys engineering college) में स्थाई प्राचार्य की नियुक्ति का मुर्हूत नहीं निकल रहा है। तकनीकी शिक्षा विभाग (technical education dept) ने महज आठ दिन बाद आदेश जारी कर उमाशंकर मोदानी को प्राचार्य (principal) का प्रभार सौंपा है। कॉलेज में लगातार छठी बार कार्यवाहक प्राचार्य की तैनाती की गई है।

बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज (engineering college) में जून 2015 से स्थाई प्राचार्य नहीं है। तत्कालीन प्राचार्य डॉ. एम. एम. शर्मा के एमएनआईटी (MNIT Jaipur) लौटने के बाद से कार्यवाहक प्राचार्यों पर ही दारोमदार है। चार साल की अवधि में बीकानेर इंजीनियीरिंग कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. जे. पी. भामू, डॉ रोहित मिश्रा (दो बार) और राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU Kota) के प्रो. रंजन माहेश्वरी प्राचार्य रहे। हाल में 26 अगस्त को सरकार ने डॉ. मिश्रा को हटाकर इसी कॉलेज के इलेक्ट्रिॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एन्ड कंट्रोल विभाग के रीडर डॉ. जितेंद्र कुमार डीगवाल (Dr. J.K.Deegwal) को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी थी। वे मौजूदा वक्त महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य हैं।

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अब मोदानी को जिम्मा
डॉ. डीगवाल के पास दो कॉलेज की जिम्मेदारी के चलते व्यस्तता बढ़ गई। महज आठ दिन में तकनीकी शिक्षा ने त्वरित फैसला किया। संयुक्त शासन सचिव (Joint seceratary) अनिल कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग (electronics and cummunication engineering) विभागाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर मोदानी को कार्यवाहक प्राचार्य बनाने के आदेश जारी किए। वे नियमित प्राचार्य (permanent principal) की नियुक्ति तक इस पद पर रहेंगे।

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मामलों की जांच कब?
पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. रोहित मिश्रा (rohit mishra) के खिलाफ राजभवन (raj bhawan) और पिछली भाजपा सरकार सहित मौजूदा कांग्रेस सरकार में शिकायतें (grievances) पहुंची हैं। दोनों बार ही उन्हें हटाया गया है। लेकिन उच्च स्तरीय जांच को लेकर तकनीकी शिक्षा विभाग और सरकार खामोश है। हालांकि अंदरूनी स्तर पर जांच को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

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