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Big issue: सरकार को लेना पड़ेगा प्री. बीएड परीक्षा पर बड़ा फैसला

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 1 Jan 2019, 7:20 AM IST

pre.b.ed course in state

pre.b.ed course in state

अजमेर.

भविष्य में प्री. बीएड परीक्षा को लेकर सरकार को जल्द विचार करना पड़ सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने वर्ष 2019 से दो साल के बीएड को खत्म कर चार वर्षीय एकीकृत टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम लागू करने की योजना बनाई गई है। इसकी कॉलेज में बारहवीं के बाद शुरूआत होगी। लेकिन प्रवेश कैसे होंगे इसको लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश में चार वर्षीय एकीकृत टीचर्स ट्रेनिंग कार्यक्रम लागू करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार वर्ष 2019 से इसकी शुरुआत करना चाहती है। प्रस्तावित कोर्स में विद्यार्थियों को बीए, बीएससी और बी.कॉम पाठ्यक्रमों की तरह कॉलेज में दाखिले मिलेंगे।

तय नहीं दाखिलों का फार्मूला
चार वर्षीय एकीकृत टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में दाखिलों का फार्मूला तय नहीं हुआ है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 2019-20 से कोर्स प्रारंभ करने की बात कही है। बीएड कॉलेज में बारहवीं पास विद्यार्थियों को किस फार्मूले से प्रवेश मिलेंगे इसका खुलासा नहीं किया गया है। जबकि सामान्य कॉलेजों में बीए, बी.कॉम, बीएससी प्रथम वर्ष के कोर्स में विद्यार्थियों को सीधे दाखिले मिलते हैं।

प्री.बीएड परीक्षा होगी या नहीं...
मौजूदा वक्त राजस्थान में करीब 900 से ज्यादा निजी और सरकारी बीएड कॉलेज हैं। इनमें दो वर्षीय बीएड और चार वर्षीय बीए/बीएससी बीएड कोर्स संचालित हैं। इन बीएड पाठ्यक्रमों में दाखिलों के लिए सरकार प्रतिवर्ष प्री.टीचर एज्यूकेशन टेस्ट का आयोजन करती है। पिछले 20 साल में इसकी जिम्मेदारी विभिन्न विश्वविद्यालयों को मिलती रही है। प्री. बीएड परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अंकों और मेरिट के अनुरूप ऑनलाइन काउंसलिंग के आधार पर कॉलेज में प्रवेश मिलते हैं।

सेमेस्टर या वार्षिक परीक्षा....
सरकार बीएड कोर्स को एमबीबीएस और इंजीनियरिंग की तरह बनाना चाहती है। मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में सेमेस्टर पद्धति लागू है। विद्यार्थियों को सेमेस्टर परीक्षाओं में देरी तो कभी परिणाम को लेकर परेशानियां उठानी पड़ती हैं। मेडिकल और इंजीनियरिंग विद्यार्थियों की डिग्री चार के बजाय पांच साल में पूरी होती है। उधर दो वर्षीय बीएड और चार वर्षीय बीएससी/बीएड कोर्स में वार्षिक परीक्षा योजना लागू है। इनमें सेमेस्टर परीक्षा योजना लागू करने पर भी सरकार को विचार करना होगा।