
अजमेर. रक्षाबंधन को गुजरे अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता है कि चार बहनों के इकलौता भाई ने दुनिया को अलविदा कह दिया। बहनों के आंसू रुक नहीं रहे हैं और बस यही कह रहे हैं कि हम अब राखी किसे बांधेंगे ? इंजीनियर दम्पती मनीष व याशिका दुबई में हंसी-खुशी जीवन बिता रहे थे। पिछले दिनों मनीष की दादी की बरसी थी। इसमें शामिल होने दोनों अजमेर आए थे। इसी दौरान पूरे परिवार ने नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने का प्रोग्राम बनाया। मंगलवार सुबह कार (टैक्सी) से मनीष अपने पिता राधेश्याम खंडेलवाल, मां शकुंतला और बच्चों के साथ नाथद्वारा के लिए रवाना हुए।
रास्ते में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें मनीष, उसकी पत्नी याशिका, मां शकुंतला और पिता राधेश्याम की मौत हो गई। अब इनके परिवार बची है तो केवल मनीष की तीन साल की बेटी कीया।
चार बहनों का इकलौता भाई था मनीष
मनीष चार बहनों का इकलौता भाई था। बड़ी बहनों में रूपल, शिल्पा, मीनाक्षी व सोना है। मीनाक्षी परिवार के साथ यूएस में रहती है। मनीष पहले अमरीका में था। ढाई साल पहले वह इंदौर निवासी पत्नी याशिका साथ मुंबई जाकर रहने लगा था
पुलिस के अनुसार राधेश्याम परिवार के साथ कार से नाथद्वारा जा रहे थे। भीलवाड़ा- चित्तौड़गढ़ हाईवे पर पांसल के निकट टायर फटने से इनकी कार पहले डिवाइडर से और फिर ट्रक से टकरा गई। हादसे में राधेश्याम, उनकी पत्नी शकुंतला, पुत्र मनीष व पुत्रवधू याशिका की मौत हो गई जबकि पोती कीया व चालक विनोद घायल हो गए। अजमेर के ज्ञान, विहार कॉलोनी निवासी राधेश्याम खंडेलवाल राज्य बीमा निधि विभाग से सेवानिवृत्त थे। मनीष को पत्नी व बेटी के साथ 7 सितम्बर को दुबई लौटना था ।
Published on:
6 Sep 2023, 12:47 PM IST
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