29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मैडम कर चुकी करोड़ों की हेराफेरी, अब नहीं है उनके पास कोई जवाब

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 22 Mar 2019, 7:44 AM IST

lady officer in ajmer

lady officer in ajmer

अजमेर.

अजमेर डिस्कॉम के बहुचर्चित 2.22 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार निलंबित सहायक प्रशासनिक अधिकारी अन्नपूर्णा सैन क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस को गुमराह कर रही है। पुलिस ने अब तक की पड़ताल में अन्नपूर्णा सैन का सामना डिस्कॉम के तमाम अधिकारी और कर्मचारी नेताओं से कराया जिन पर उसने आरोप जड़े थे। लेकिन उसके आरोप और सवा 2 करोड़ की रकम किसको, कितनी और कब दी गई? इन सवालों के जवाब अन्नपूर्णा के पास भी नहीं है। ऐसे में पुलिस अब अन्नपूर्णा से रकम बरामदगी के प्रयास में जुटी है।

क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस की गिरफ्त में आई सहायक प्रशासनिक अधिकारी अन्नपूर्णा से पुलिस पड़ताल में जुटी है। अब तक की पड़ताल में पुलिस गबन की गई इतनी बड़ी रकम अन्नपूर्णा ने कहां ठिकाने लगाई इसका पता लगाने में जुटी है जबकि अन्नपूर्णा ने किए गए घोटाले में आलाधिकारियों और निगम के कर्मचारी नेताओं में बंटवारे की बात कबूली थी लेकिन उसकी ओर से लगाए आरोप साबित नहीं हो रहे।

जिन कर्मचारियों व अधिकारियों का अन्नपूर्णा से सामना करवाया गया तो वह उनके सामने आरोप लगाने के बाद चुप्पी साध गई। ऐसे में पुलिस अन्नपूर्णा को ही घोटाले का सूत्रधार मानकर पड़ताल कर रही है। पुलिस भी अब बैंक से निगम के खाते से ट्रांसफर हुई रकम के संबंध में पड़ताल करेगी।

खरीदी लग्जरी कार

इधर अन्नपूर्णा के सहयोगी व चालक अमित वर्मा ने बताया कि अन्नपूर्णा ने एक लग्जरी कार खरीदी थी। खुद को निर्दोष बताते हुए अमित ने अपनी हैसियत सिर्फ कार के चालक की बताई है।

पुलिस हिरासत में है खातेदार!

इधर, पुलिस ने एक खातेदार को भी हिरासत में लिया है। जिसकी मुलाकात अमित वर्मा के जरिए अन्नपूर्णा से हुई थी। पुलिस बैंक खातेदार से गहनता से पड़ताल में जुटी है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पड़ोसी जिले के खातेदार के बैंक खाते में भी रकम ट्रांसफर की गई थी। हालांकि पुलिस इस खातेदार से पड़ताल में जुटी है।

बैंक से मांगी सीडी

इधर निगम की ओर से प्रकरण में की जा रही जांच में समानांतर ऑडिट की जा रही है। निगम ने बैंक प्रबंधन से 2015 से 2017 तक की प्रतिमाह दी जाने वाली निगम कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन की सीडी मांगी है। ताकि किसको कितना वेतन, कब मिला और निगम खाते से कितनी राशि कब-कब, किस खाते में ट्रांसफर हुई इसका पता चल सके।

अन्नपूर्णा सैन और उसके सहयोगी अमित वर्मा से गहनता से पड़ताल की जा रही है। अब निगम के खाते से ट्रांसफर हुई रकम के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी। ताकि रकम, कब, किसके खाते में, कितनी ट्रांसफर की गई, इसका पता चल सके।
-दिनेश कुमावत, थानाधिकारी क्रिश्चियन गंज