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यहां चल रहा भ्रष्टाचार का ऐसा गंदा खेल, परिवहन कार्यालय के अधिकारी अब तक लगा चुके करोड़ों का फटका

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अजमेर

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Sonam Ranawat

•

Updated: 3 Aug 2018, 1:26 PM IST

employees doing Corruption in transport Department

यहां चल रहा भ्रष्टाचार का ऐसा गंदा खेल, परिवहन कार्यालय के अधिकारी अब तक लगा चुके करोड़ों का फटका

मनीष कुमार सिंह /अजमेर. ब्यावर परिवहन कार्यालय को भ्रष्टाचार की बेल ने बुरी तरह से जकड़ रखा है। दलालों से मिलीभगत कर परिवहन अधिकारी वाहनों के रजिस्ट्रेशन व री-रजिस्ट्रेशन में घालमेल कर अब तक करोड़ों का फटका लगा चुके हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अजमेर ने घोटाले की जांच के बाद जिला परिवहन अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, दलाल और गुडग़ांव की फर्म संचालक के खिलाफ भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी का मामला दर्ज दर्ज किया है।

एसीबी अजमेर चौकी के अनुसंधान में सामने आया कि ब्यावर परिवहन कार्यालय में तैनात डीटीओ त्रिलोकचंद मीणा दलाल कैलाश चौधरी के मार्फत गुडग़ांव हरियाणा की फर्म एसडीएस के जरिए वाहनों के रजिस्ट्रेशन ब्यावर में करता था। सेल टैक्स की एनओसी के बिना वाहनों के रजिस्ट्रेशन कर राजकोष को लगभग 30 हजार रुपए तक का चूना लगा देते थे।

मामला एसीबी के सामने आया तो तीन माह पहले एसीबी ने परिवहन कार्यालय से 100 फाइलें जब्त करके पड़ताल की तो भ्रष्टाचार उजागर हुआ। अब एसीबी अजमेर ने मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद आरोपित डीटीओ मीणा, प्रोग्रामर प्रीतम सैन, ब्यावर निवासी दलाल कैलाश चौधरी और फर्म के मंजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रकरण में अनुसंधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक( एसीबी अजमेर स्पेशल चौकी) मदनदानसिंह कर रहे हैं।


सेल टैक्स की चोरी

एसीबी पड़ताल में सामने आया कि डीटीओ दलाल चौधरी के मार्फत गुडग़ांव की फर्म के संचालक मंजीतसिंह से सांठगांठ कर ली। मंजीत हरियाणा के वाहनों का रजिस्ट्रेशन ब्यावर से करवाता था। भ्रष्टाचार के खेल में फर्म की ओर से सेल टैक्स की एनओसी के बगैर डीटीओ कार्यालय की तरफ से वाहनों के रजिस्ट्रेशन कर दिया जाता। इससे करीब 15 फीसदी तक का सेल टैक्स बचा राजकोष को चपत लगा दी जाती थी। खास बात यह है कि एसीबी की अब तक की जांच में 100 फाइलों में 30 लाख रुपए का घोटाला उजागर हुआ है।


चोरी की वाहनों का संदेह!
एसीबी को भ्रष्टाचार के मामले में री-रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों में चोरी के वाहन शामिल होने का संदेह है। इसमें अधिकांश वाहन हरियाणा के मेवात इलाके से हैं जहां से ट्रक व टे्रक्टर के री-रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इन वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन के लिए एक ही कमरे का किरायनामा, नाम, पता व दस्तावेज दे रखे हैं। एसीबी अजमेर ने नाम, पते की जांच की तो फर्जी पाए गए।

ब्यावर डीटीओ कार्यालय से करीब तीन माह पहले वाहन रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज जब्त किए थे। अनुसंधान में धोखाधड़ी से राजकोष को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। मुख्यालय ने डीटीओ समेत चार जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
-कैलाशचन्द विश्नोई, पुलिस अधीक्षक एसीबी