लगभग तीन दशक पहले अरावली पर्वत शृंखला को हरा-भरा करने के लिए हेलिकॉप्टर से विलायती बबूल (कीकर) के बीज बिखेरे गए थे। इन विलायती बबूल के पेड़ों से अरावली पर्वतमाला में भले ही हरियाली नहीं फैली लेकिन यह क्षेत्र के खेत, उपजाऊ जमीन और जंगल से होते हुए सभी जगह फैल गया।