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अजमेर: जूनिया और पुष्कर में बाढ़ के हालात, डूबने से दो की मौत, खोले आनासागर चैनल के दो चैनल गेट

Heavy Rain in Ajmer: जिले में एक बार फिर इंद्रदेव जमकर मेहरबान हुए। पिछले 18 घंटों से हो रही बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए। जूनिया और पुष्कर में बाढ़ के हालात बन गए।
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अजमेर

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kamlesh sharma

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Updated: 17 Aug 2019, 6:22 PM IST

Heavy Rain in Ajmer

अजमेर। Heavy Rain in Ajmer: जिले में एक बार फिर इंद्रदेव जमकर मेहरबान हुए। पिछले 18 घंटों से हो रही बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए। जूनिया और पुष्कर ( Heavy rain in pushkar ) में बाढ़ के हालात बन गए। जूनिया में पानी उफनने से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। पुष्कर में निचली बस्तियों-गलियों में पानी भर गया। यहां सरोवर में 8 फीट पानी की आवक हो गई।

इसका जलस्तर बढकऱ 29 फीट तक पहुंच गया। बरसात के बाद आनासागर झील फिर ओवरफ्लो हो चुकी है। आनासागर झील के चैनल गेट खोल दिए। चैनल गेट से पानी उफन पड़ा। जिला प्रशासन आनासागर का गेज 13 फीट तक बनाए रखेगा। इसके अतिरिक्त पानी को चैनल गेट के जरिए छोडऩा जारी रखेगा।

किशनगढ़ के गांधीनगर थाना क्षेत्र में डूबने से दो जनों की मौत हो गई। एक युवक खेत में भरे पानी में डूब गया और दूसरा तालाब में। कई जगहों पर कच्चे मकान गिर गए है।

किशनगढ़ में बारिश का दौर जारी रहने के कारण किशनगढ़ एयरपोर्ट पर दिल्ली और अहमदाबाद की फ्लाइट नहीं उतर सकी। दोनों फ्लाइटों को जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। इसी प्रकार हैदराबाद की फ्लाइट को सुबह आधा घंटे पहले ही एयरपोर्ट पर उतरी।

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इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार किशनगढ़ हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर बारिश का पानी भरा होने के कारण जाम के हालात बने हुए है। इससे लोगों को आवजाही में परेशानी हो रही है।

दरगाह क्षेत्र में तारागढ़ संपर्क सडक़ को नुकसान पहुंचाया। यहां पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सडक़ पर गिर गया। इससे रास्ता बंद हो गया। सडक़ के समीप स्थित तारा शाह बाबा की मजार भी पहाड़ी मलबे के चपेट में आ गई। यहां कई बिजली के पोल और पानी की पाइप लाइन टूट गई। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम अधिकारियों को फोनकर तत्काल बिजली बंद कराई।

44 साल बाद तीर्थगुरु पुष्करराज के 52 घाट डूबे
वर्ष 1975 के बाद पहली बार तीर्थगुरु पुष्कर में रिकॉर्ड बरसात हुई और पुष्कर सरोवर में 44 साल बाद 30 फीट से अधिक पानी भर चुका है। 24 घंटे घंटे से अधिक समय तक लगातार बरसात के चलते नाग पहाड़ से आने वाले फीडरों से पानी की आवक जारी है। भारी बरसात के दौरान पुष्कर सरोवर के 52 घाट, नगर पालिका भवन का पिछला हिस्सा डूब गए।