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पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बंदियों से सुविधा शुल्क वसूलने वाला जेलर गिरफ्तार, अब खुलेंगे कई बड़े राज

Rajasthan Crime: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्पेशल युनिट) ने सेंट्रल जेल अजमेर में बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जेलर समेत तीन जनों को गिरफ्तार किया है। जेलर के अलावा गिरफ्तार दोनों व्यक्ति जेल के बाहर अपने खातों में सुविधा शुल्क ट्रांसफर कराने का काम करते थे...
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अजमेर

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Dinesh Saini

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Updated: 19 Sep 2019, 2:55 PM IST

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अजमेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्पेशल युनिट) ने सेंट्रल जेल अजमेर में बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जेलर समेत तीन जनों को गिरफ्तार किया है। जेलर के अलावा गिरफ्तार दोनों व्यक्ति जेल के बाहर अपने खातों में सुविधा शुल्क ट्रांसफर कराने का काम करते थे। एसीबी को तीनों की गिरफ्तार से मामले में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (स्पेशल युनिट) मदनदानसिंह ने बताया कि बुधवार रात अजमेर सेंट्रल जेल के तत्कालीन जेलर टोंक निवासी जसवंत सिंह को अजमेर सेन्ट्रल जेल में बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली के मामले में भीलवाड़ा से गिरफ्तार किया। जसवंतसिंह अभी भीलवाड़ा में उपकारापाल के पद पर तैनात है। वहीं बंदियों के परिजन से सुविधा शुल्क वसूली में सहयोगी करोली हिण्डौन सिटी हाल अजमेर वैशालीनगर निवासी अनिल चौधरी और सरवाड़ सुरसुण्डा निवासी राजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया। अनिल चौधरी और राजेन्द्र सिंह जेलर जसवंत सिंह के जरिए सजायाफ्ता कैदी शैतान सिंह के सम्पर्क में था। पुलिस गुरुवार दोपहर तीनों को अदालत में पेशकर रिमांड पर लेगी।

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अब खुलेंगे राज
अनुसंधान अधिकारी पारसमल पंवार के मुताबिक अजमेर सेन्ट्रल जेल बंदी प्रकरण में जेलर जसवंतसिंह के साथ में अनिल व राजेन्द्र सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के बाद प्रकरण से जुड़े कई राज सामने आने की संभावना है। गौरतलब है कि सजायाफ्ता बंदी शैतान सिंह और उसका भाई रमेश जेल में बंदियों से सुविधा शुल्क के नाम पर वसूली करते थे। वसूली की रकम बाहर अनिल चौधरी और राजेन्द्रसिंह के खाते में ट्रांसफर करते थे। वसूली की रकम को शैतान सिंह के अनुसार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाते थे।

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