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50 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थी बनना चाहते हैं तहसीलदार, ये है खास वजह

राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में आरएएस मेंस-2021 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सेवा प्राथमिकता और विस्तृत आवेदन पत्र भर दिए हैं।
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अजमेर

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Santosh Trivedi

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Updated: 5 Oct 2022, 1:11 PM IST

tehsildaaar

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में आरएएस मेंस-2021 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सेवा प्राथमिकता और विस्तृत आवेदन पत्र भर दिए हैं। आरएएस और आरपीएस के बाद 50 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थियों ने तहसीलदार बनने में रुचि दिखाई है। तहसील सेवा से पदोन्नत होकर जल्द आरएएस बनना इसकी सबसे बड़ी वजह है।

आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2021 के तहत राज्य सेवा में आरएएस, आरपीएस, लेखा, बीमा, उद्योग, वाणिज्यिक और अन्य विभाग शामिल हैं। अधीनस्थ सेवा में तहसीलदार सेवा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और अन्य सेवाएं शामिल हैं। आरएएस मेंस 2021 में 2174 अभ्यर्थी साक्षात्कार के पात्र घोषित किए गए हैं। आरपीएससी ने सेवा प्राथमिकता और विस्तृत आवेदन पत्र भरवाए हैं। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में करीब 1100 से ज्यादा ने क्रमवार आरएएस को प्रथम, आरपीएस को द्वितीय तथा तहसीलदार सेवा को सर्वाधिक तवज्जो दी है।


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जल्द होती है पदोन्नति:
आरएएस प्रारंभिक और मेंस परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों के आधार पर टॉपर्स को आरएएस एवं आरपीएस के पदों पर नियुक्तियां मिलती हैं। आरएएस एवं आरपीएस में चयन से वंचित अभ्यर्थी सीधा नायब तहसीलदार बनता है। साथ ही 10 से 12 साल में पदोन्नति (संतोषजनक सेवा होने पर) पाकर तहसीलदार और इसके बाद आरएएस बन जाता है।


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पदोन्नति इसकी होती है वजह:
आरएएस भर्ती में प्रत्येक अभ्यर्थी सेवा प्राथमिकता अपनी व्यक्तिगत रुचि के अनुसार ही तय करता है। फील्ड जॉब में जाने के इच्छुक अभ्यर्थी आरएएस, आरपीएस के बाद तहसीलदार सेवा में आवेदन और सेवा प्राथमिकता क्रम भरते हैं। सामान्यत:जल्द पदोन्नति इसकी वजह होती है। डॉ. शिवसिंह राठौड़, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष, आरपीएससी