
Sachin Pilot : आर्थिक मंदी हावी, युवाओं को नहीं मिल रही नौकरियां
अजमेर. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot ) ने कहा कि देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, विकास दर पांच प्रतिशत तक पहुंच गई है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। विकट हालात से निपटने के लिए सरकार को सभी को साथ लेकर इससे उभरने के प्रयास करने चाहिए। पायलट मंगलवार रूपनगढ़ के भदूण गांव में शहीद हेमराज जाट (Shaheed Hemraj Jat) को श्रद्धांजलि अर्पित करने आए थे। घूघरा जाते समय जयपुर रोड पर पत्रकारों से बातचीत में पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को बने 100 दिन हो गए है। बेहतर होता कि वह सारे काम छोडकऱ नौजवानों को रोजगार (Employ youth) के लिए रणनीति बनानी चाहिए। रिजर्व बैंक से एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए ले लिए है। इसके बावजूद इस मुश्किल हालात से बाहर निकलने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है। देश में रोजगार खत्म होते जा रहे है। महंगाई बढ़ रही है और कारखाने बंद हो रहे है। इस गंभीर समस्या से निकलने के लिए सरकार के पास पुख्ता इंतजाम नहीं है। बातचीत के बाद उपमुख्यमंत्री पायलट घूघरा स्थित श्रीनगर के पूर्व प्रधान मांगीलाल की मृत्यु पर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए रवाना हो गए।
उपलब्धि गिनाने पर खर्च कर रहे करोड़ों
पायलट ने कहा कि देश में सरकार बनने के बाद धरातल पर नकारात्मक वातारण बना हुआ है। भावनात्मक मुद्दों को हवा देने के स्थान पर बेहतर हो सरकार सभी को साथ लेकर अच्छे लोगों संवाद स्थापित करें। सरकार करोड़ों रुपए अपनी उपलब्धि गिनाने पर खर्च कर रही है।
प्रदेश को कम पैसा मिले यह बदार्शत नहीं
पायलट ने कहा कि देश में क्षेत्रफल के अनुसार राजस्थान सबसे बड़ा प्रदेश (Rajasthan is the largest state) है। वित्त आयोग आंकड़ों के जाल में फंसाकर प्रदेश को कम पैसा देना हम बदार्शत नहीं करेंगे। हालांकि वित्त आयोग के अध्यक्ष ने प्रदेश के साथ अन्याय नहीं होने देने की बात कही है।
प्रवचन देने की जगह शहीदों को करें नमन
पायलट ने आरएसएस के चिन्तन शिविर के बारे में कहा कि संगठन को प्रवचन देने की बजाय शहीदों को नमन करना चाहिए। सैनिक धूप, तूफान, जंगल, बर्फ, रेगिस्तान में देश की रक्षा करने में जुटे है। हम सबकों देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए। दिल्ली में बैठे लोगों को अर्थव्यवस्था सुधारने का काम (Work to improve the economy) करना चाहिए। जज्बाती मुद्दों को हवा देकर वोट बटोरने का काम समाप्त हो चुका है। विकास और रोजगार की बात करनी चाहिए।
Published on:
11 Sep 2019, 4:00 AM IST
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