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PATRIKA STING : पुष्कर के रेतीले धोरों में हो रहा ये गंदा काम, चाय की थड़ी व ऊंटगाड़ी की सवारी की आड़ में परोसा जा रहा सैलानियों को नशा

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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 5 Sep 2018, 7:00 AM IST

patrika sting : tea sellers supply intoxication to tourists in pushkar

PATRIKA STING : पुष्कर के रेतीले धोरों में हो रहा ये गंदा काम, चाय की थड़ी व ऊंटगाड़ी की सवारी की आड़ में परोसा जा रहा सैलानियों को नशा

अजमेर. धार्मिक नगरी पुष्कर के रेतीले धोरों में नशे का काले कारोबार ने गहरी जड़ें जमा ली है। सैलानियों को होटल, रेस्टोरेंट के अलावा रेतीले धोरों में चाय की थड़ी और ऊंटगाड़ी की सवारी की आड़ में नशा परोसा जा रहा है। रेतीले धोरों में मांग और दाम के हिसाब से नशे की पुडिय़ा मिनटों में हाजिर हो जाती है। खास बात यह है कि धार्मिक नगरी में सब कुछ पुष्कर पुलिस थाने के इर्द-गिर्द फलीफूत हो रहा है।

राजस्थान पत्रिका टीम ने धार्मिक नगरी में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए नशे के काले कारोबार का पर्दाफाश किया। पुष्कर मेला मैदान के पीछे रेत के टीबों में चाय की थडिय़ां नशे के कारोबार की अहम कड़ी साबित हो रही है। यहां सैर पर आने वाले सैलानियों को धोरों में चाय के साथ नशे की पुडिय़ा 24 घंटे उपलब्ध है। थड़ी संचालक को चंद रुपए थमाने पर नशे की पुडिय़ा हाजिर हो जाती है। इस गोरखधंधे में सैलानियों को ऊंटगाड़ी में धोरों की सैर कराने वाले लोग सहभागी होते हैं। वे भी ग्राहक व कमीशन के हिसाब से सवारी को नशे की पुडिय़ा उपलब्ध करवाने में गुरेज नहीं करते।

केस : 1पुष्कर मेला मैदान के पीछे ऊंट गाड़ी की सवारी करवाने वाले युवक के पास पहुंचे। उससे नशे की पुडिय़ा मांगी तो वह तुरन्त 400 रुपए में एक पुडिय़ा लाकर देने को तैयार हो गया। पांच सौ रुपए लेकर युवक पुडिय़ा लेने गया लेकिन कुछ देर बाद वापस आकर रकम लौटा दी।

थड़ी संचालक से पत्रिका संवाददाता की बातचीत

संवाददाता : पुडिय़ा मिलेगी क्या, कितने की है?

जवाब : हां, तीन सौ रुपए की है (हाथ से इशारा करते हुए पुडिय़ा का साइज बताया)। यहां के अलावा कहीं नहीं मिलेगी।संवाददाता : पुडिय़ा को भरकर दे दोगे क्या?

जवाब : बनाने में क्या है, मसलकर भर लो। मैं बनाकर नहीं दूंगा।संवाददाता : रात में पुडिय़ा चाहिए तो?

जवाब : कभी भी सुबह-शाम यहां माल मिलेगा। रात को थड़ी के बाहर सोता हूं। जगा कर ले लो।संवाददाता : गांजे की पुडिय़ा के ज्यादा वसूल रहे हो?

जवाब : दो नम्बर के माल है। उस पर 50 रुपए भी नहीं कमाऊंगा तो कैसे काम चलेगा। ज्यादा लेने पर 250 रुपए में मिल जाएगी।संवाददाता : स्मैक मिलेगी क्या?

जवाब : हां, लेकिन अभी नहीं है।

केस : 2

रेतीले धोरों में बनी चाय की थडिय़ों में संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर पत्रिका टीम पहुंची। किशोर थड़ी संचालक से पहले कुछ खरीदने के बाद जब नशे की पुडिय़ा मांगी तो तपाक से हामी भर दी। दर पूछने पर उसने 300 रुपए मांगे। रुपए थमाने पर उसने तुरन्त गल्ले में रखे पर्स से एक पुडिय़ा निकालकर थमा दी।

संवाददाता : भइया पुडिय़ा मिलेगी?

(किशोर ने साथी को इशारा किया उसका इशारा मिलते ही एक युवक नजदीक आया और 400 रुपए की पुडिय़ा मिलने की बात कही)

संवाददाता : चार सौ रुपए तो ज्यादा हैं?

जवाब : इतने ही लगेंगे मैं खुद लाकर दूंगा?

पहले भी हुआ उजागर

धार्मिक नगरी अजमेर, पुष्कर में मादक पदार्थ की खेप देश के 5 राज्यों से पहुंचती है। इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, प. बंगाल शामिल है। स्मैक, चरस हिमाचल, पंजाब व हरियाणा के रास्ते पुष्कर पहुंचती है। वहीं गांजा व अफीम मध्यप्रदेश और प. बंगाल से आती है। पूर्व में भी नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो व जिला पुलिस की कार्रवाई में मादक पदार्थ की तस्करी का सच सामने आ चुका है।

बड़े मगरमच्छ पकड़ से दूर

धार्मिक नगरी पुष्कर में फलफूल रहे नशे के गोरखधंधे में अब तक बड़े मगरमच्छ पुलिस व नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो की पकड़ से दूर है। पुलिस की स्पेशल टीम या जिले में लगने वाले प्रोबेशनर आईपीएस की कार्रवाई पुष्कर में सैलानियों की रेव पार्टी तक ही सीमित है। मादक पदार्थ की तस्करी में सक्रिय बड़े तस्कर अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है जबकि धार्मिक नगरी में मादक पदार्थ की तस्करी में सक्रिय तस्कर दिल्ली, जयपुर जैसे महानगरों में रेव पार्टी में नशे का इंतजाम करते हैं।

नए थानाप्रभारी को पुष्कर थाने में लगाया है। पुष्कर धार्मिक नगरी में नशे की प्रवृत्ति चल रही है तो निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

-राजेश सिंह, पुलिस अधीक्षक