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जिन्ना विवाद के बाद एएमयू में जेएनयू की तरह आजादी के नारे, देखें वीडियो

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर उठा विवाद बढ़ता ही जा रहा है।
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अलीगढ़

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Bhanu Pratap Singh

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Updated: 6 May 2018, 3:52 PM IST

jinnah

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आगरा।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर उठा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस से टकराव के बाद एएमयू छात्र बाब-ए-सैयद गेट पर धरनारत हैं। उनकी मांग है कि विश्वविद्यालय में घुसकर आतंक मचाने वाले हिन्दूवादी छात्र संगठनों और लाठीचार्ज करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए।पांच दिन भी समस्या वहीं की वहीं है।

हम लेकर रहेंगे आजादी

धरने के दौरन का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें आजादी के नारे लग रहे हैं। बाब-ए- सैयद गेट पर चल रहे छात्रों के धरने में ये नारे सुनने को मिल रहे है। इस धरने मं जेएनयू के छात्र भी शामिल होना बताया जा रहा है। इस वीडियो में स्पष्ट सुना जा सकता है। जिसमें छात्र आजादी के नारे लगा रहे हैं। छात्र बड़े उत्साह से कह रह हैं- हम लेकर रहेंगे आजादी। चाहे डंडा मारो लेकिन दे दो आजादी जैसे तमाम नारे लगाये जा रहे हैं। एएमयू को जान से प्यारा बताया जा रहा है।

सांसद सतीश गौतम ने लिखा था पत्र

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम ने एएमयू के कुलपति को पत्र लिखकर पूछा था कि यूनियन हॉल में जिन्ना की तस्वीर का क्या औचित्य है। इसके बाद हिन्दूवादी छात्र संगठनों ने एएमयू में घुसकर मोहम्मद अली जिन्ना का पुतला फूंका। इस दौरान भी एएमयू छात्रों और हिन्दूवादी छात्रों के बीच टकराव के हालात बन गए थे। पुलिस ने जैसे-तैसे दोनों को रोका था। इस घटना के विरोध में एएमयू के छात्र रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना सिविल लाइंस जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो टकराव हो गया। हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद आंसू गैस के गोले दागे। फायरिंग भी की। अनेक छात्र घायल हुए हैं। उनका जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।

बैठक रही बेनतीजा

गत रात्रि में जिला प्रशासन ने समस्या समाधन का प्रयास किया। इसके लिए कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के साथ एक घंटा तक बैठक चली। इसका परिणाम कुछ निकला नहीं। छात्र अड़े हुए हैं कि पुलिस लाठीचार्ज और हिन्दुत्वादी छात्रों द्वारा किए गए हमले की न्यायिक जांच की जाए। अभी तक छात्रों की मांग नहीं मानी गई है। किसी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।