
AMU के रिटायर्ड प्रोफेसर मुफ्ती जाहिद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “अल्लाह हू अकबर नारे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को एतराज नहीं करना चाहिए। छात्रों की ओर से लगाए गए अल्लाह हू अकबर के नारे से न हिंदू, सिख, न ईसाई किसी को कोई आपत्ति नहीं है। ये उर्दू का ज़ुबान है।”
RSS ने नारे का जताया था विरोध
दरसल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी AMU में गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने का कार्यक्रम था। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने झंडा फहराया था। इस दौरान NCC यानी नेशनल कैडेट कोर के छात्रों ने ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहू अकबर’ के नारे लगा दिए। नारे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विरोध जताया था।
प्रोफेसर मुफ्ती ने आगे कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग बेवकूफी की बातें कर रहे हैं। जबकि गणतंत्र दिवस के मौके पर छात्रों में जोश भरने को लेकर अल्लाह हू अकबर का नारा लगाया गया था। संघ के लोगों को धैर्य रखना चाहिए। क्योंकि ज्यादा दादागिरी चलाना भी खतरनाक होता है।”
"पूजा करने वाला मुसलमान कैसे रह सकता है"
मुफ्ती जाहिद ने कहा, “कुछ लोगों ने वंदेमातरम के भी नारे लगाए थे। क्या वह मजहबी नारा नहीं है? वंदे मातरम का मतलब ए जमी हम तेरी पूजा करते हैं, क्या जमीन की पूजा करने के बाद कोई मुसलमान रह सकता है। क्या किसी को मुसलमान नहीं रहने देंगे, क्या इस्लाम की राह पर चलने की लोगों को इजाजत नहीं है, क्या एक अल्लाह को कोई मान नहीं सकता।”
Updated on:
7 Feb 2023, 7:38 PM IST
Published on:
7 Feb 2023, 7:38 PM IST
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