कोर्ट ने पूछा है कि क्या सरकार उपभोक्ता लेजर , रिकॉर्ड की आडिट करवायेगी।ताकि फर्जी, बोगस बिजली बिल का पता लग सके। कोर्ट ने मनमानी बिजली बिल वसूली पर लगी रोक जारी रखा है और कहा है कि नियमित बिल भुगतान जारी रखा जाय। कोर्ट ने प्रमुख सचिव व प्रबंध निदेशकों कोमांगी गई जानकारी के साथ 14मार्च तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने पुत्तन व दो अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण खण्ड मिलख रामपुर ने याची का विद्युत कनेक्शन काटे जाने के बाद 32लाख रूपये का फर्जी बोगस बिल जारी किया।जब कोर्ट ने कड़ाई की तो साढ़े तीन लाख का सही बिल जारी किया गया।