
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में शिवलिंग की कार्बन डेटिंग पर वाराणसी की अदालत आज फैसला सुनाएगी
ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) के वजूखाने मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग (Carbon Dating) या वैज्ञानिक विधि होगी या नहीं, इस मामले में आज वाराणसी की अदालत (Varanasi Court) अपना फैसला सुनाएगी। इससे पहले कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर का दिन सुनवाई के लिए तय किया था लेकिन वकील के निधन के चलते सुनवाई को टालना पड़ गया था। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए आज यानी शुक्रवार की तारीख दी थी। कोर्ट आज तय करेगी कि कार्बन डेटिंग से ज्ञानवापी परिसर की जांच करानी है या नहीं? बता दें कि वजूखाने मिले शिवलिंग (Shivling) को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। एक तरफ मुस्लिम पक्ष इसे फव्वारा बता रहा है तो दूसरी तरफ हिंदू पक्ष शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने की मांग कर रहा है।
चार महिलाओं ने कोर्ट में लगाई अर्जी
दरअसल, कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने की मांग को लेकर दिल्ली की राखी सिंह और वाराणसी की चार महिलाओं ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। मामले की सुनवाई जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत कर रही है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 11 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। ऐसे में अदालत में अगर किसी पक्ष की ओर से कोई नई आपत्ति नहीं आती है तो आज इस मामले में फैसला सुनाया जा सकता है। वहीं अदालत की ओर से फैसला आने की उम्मीद के बीच दोनों ही पक्ष अपने वकीलों के साथ संपर्क कर फैसले की संभावना और परिणाम के साथ ही आगे की रणनीति को लेकर मंथन कर रहे हैं।
मई में हुआ था ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे
बता दें कि इसी साल मई में ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कराया गया था। जिस पर हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि मस्जिद के वजूखाने में बीच में एक कथित शिवलिंग मिला है। जिसपर मुस्लिम पक्ष की तरफ से उसे मात्र फव्वारा बताया गया था। इस पर हिंदू पक्ष ने शिवलिंग की जांच के लिए कार्बन डेटिंग कराने के साथ-साथ वैज्ञानिक जांच कराई जाने की मांग की है, जिससे उसकी उम्र का पता चल सके। साथ ही शिवलिंग को कोई नुकसान भी न हो। गौरतलब है कि किसी वस्तु की उम्र और समय का पता लगाने के लिए कार्बन डेटिंग कराई जाती है। इससे 20 हजार साल पुरानी वस्तुओं की उम्र का पता लगाया जा सकता है।
Published on:
14 Oct 2022, 9:58 AM IST
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