
अब प्रयागराज में गूंजेगी सफेद बाघ की दहाड़, मध्यप्रदेश की तर्ज पर बनकर तैयार होगा टाइगर सफारी
प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज जिले में अब टाइगर सफारी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। मध्यप्रदेश के बाद अब यूपी के प्रयागराज जिले में लोग सफेद बाघ की दहाड़ सुन सकेंगे। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार संगम नगरी में मध्य प्रदेश के रीवा व सतना जिले की सीमा पर स्थित मुकुंदपुर की तर्ज पर व्हाइट टाइगर सफारी बनाने की तैयारी में है। इस सफारी को बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जमीन भी देख ली है।
40 हेक्टेयर जमीन चिन्हित
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यमुनापार में बेलन, लपरी और टोंस नदी के संगम के पास खीरी के इटवा क्षेत्र का जलवायु सफेद बाघों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। जिसकी वजह से प्रशासन ने 40 हेक्टेयर सरकारी जमीन चिह्नित कर ली गई है। टाइगर सफारी का खाका तैयार किया गया है। यूपी सरकार की तरफ से अप्रूवल होने के तत्काल बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
टाइगर सफारी में होंगे यह जानवर
जानकारी दी गई है कि प्रयागराज बनने वाले टाइगर सफारी में सफेद बाघों के साथ रायल बंगाल टाइगर, भालू, चीतल, सांभर आदि इस टाइगर सफारी की शान होंगे। इसके अलावा सफारी में आने वाले टूरिस्टों को हर सुविधा के अनुसार कार्य होंगे। शासन से निर्देश मिलने पर डीएम ने एडीएम प्रशासन व एसडीएम मेजा से जमीन की पूरी जानकारी मांगी है। आगे के निर्देश मिलने पर कार्य किए जाएंगे।
प्रोजेक्ट तैयार करने का मिला है निर्देश
जिलाधिकारी ने वन संरक्षक और डीएफओ को मुकुंदपुर जाकर टाइगर सफारी को लेकर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैैं। इस प्रोजेक्ट तैयार करने में मुकुंदपुर टाइगर सफारी के अफसरों की मदद ली जाएगी। यह सफारी स्थल के पास प्रदेश का इकलौता ब्लैक बक कंजर्वेशन रिजर्व चांद खमरिया भी है जिसे सरकार ने हाल ही में वन डिस्ट्रिक्ट वन डेस्टिनेशन के तहत चयन किया है।
काला हिरण संरक्षण को किया जाएगा विकसित
टाइगर सफारी के साथ ही प्रयागराज में बने काला हिरन संरक्षण केंद्र को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसी के साथ ही मांडा में बने कछुआ सेंचुरी भी प्रस्तावित है। सफारी बनने से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
खीरी में बनेगा व्हाइट टाइगर सफारी
प्रयागराज जिलाधिकारी संजय खत्री ने कहा कि शासन के निर्देश पर प्रयागराज में व्हाइट टाइगर सफारी तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है। नदी के किनारे बसे खीरी गांव में यह सफारी तैयार की जाएगी। यहां का जलवायु जानवरों के अनुकूल माना गया है। अब जल्द वन विभाग के उच्चाधिकारियों की टीम खीरी मुकुंदपुर जाएगी।
Published on:
20 Sep 2022, 1:43 PM IST
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