यूआईटी ने एक पार्क जरूर बनाया है, लेकिन यह नाकाफी है। ऐसे में पर्यटकों के घूमने के लिए और एरिया विकसित किया जाएगा। पानी के फव्वारे, साउंड सिस्टम आदि यहां लगाए जा सकते हैं। लेजर लाइट शो का भी यहां काम होगा। इसी के साथ इसे वेटलैंड घोषित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। एक प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि वेटलैंड घोषित होने के बाद सिलीसेढ़ झील का और विकास होगा। अभी पानी सपोर्ट से कार्य पीपीपी मॉडल पर करवाने की तैयारी है।