
father and four children murder in alwar
अलवर.
शहर के शिवाजी पार्क 4 'क' में पांच जनों की नृशंस हत्या के बाद गायब स्कूटी को पुलिस मामले का अहम सुराग मान रही थी। घटना के दूसरे दिन स्कूटी तो मिल गई, लेकिन मामला नहीं सुलझा। मामले की जांच के लिए बुधवार को आईजी हेमन्त प्रियदर्शी अलवर आए। उन्होंने घटनास्थल का मौका-मुआयना कर एक-एक कमरे व सामान का बारीकी का परीक्षण किया। इसके बाद भी घटना की गुत्थी सुलझ नहीं पाई। उधर, मृतक बनवारी का सगा भाई मुकेश अभी गायब है। वह मामले की अहम कड़ी हो सकता है। मृतक की पत्नी से भी पुलिस अब तक पूछताछ नहीं कर सकी है। उसे तबीयत बिगडऩे पर पहले अलवर व बाद में नगर (भरतपुर) के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शिवाजी पार्क 4 'क' स्थित एक मकान में धारदार हथियार से पांच जनों की नृशंस हत्या के बाद परिवार के मुखिया बनवारी की स्कूटी पुलिस को घर से गायब मिली। पुलिस का मानना था कि वारदात के बाद आरोपित स्कूटी पर सवार होकर भाग निकला। पुलिस ने रातभर स्कूटी की तलाश की। बुधवार अलसुबह करीब तीन बजे पुलिस को यह स्कूटी एनईबी कृषि उपज मंडी के पीछे बनी टूटी-फूटी दुकानों के पास लावारिश हालात में खड़ी मिली। पुलिस ने स्कूटी को जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेजा है।
उधर, घटना के बाद बुधवार को आईजी हेमन्त प्रियदर्शी अलवर आए और सुबह करीब ९.३० बजे पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मौका मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने मकान के दरवाजे, खिड़कियों आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। दीवार पर लगे खून के छींटों की बैड से ऊंचाई नापी। आईजी मकान की प्रथम मंजिल पर बने कमरे में भी गए और निरीक्षण किया। उन्होंने मकान के पीछे भी झांककर देखा। वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने एकबार फिर पड़ोसियों से पूछताछ की। मकान का मौका निरीक्षण के बाद आईजी ने पुलिस अधीक्षक आवास में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें आरोपितों की गिरफ्तारी व मामले के खुलासे को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद आईजी रामगढ़ के चंडीगढ़ अहीर गांव पहुंचे और गत दिनों महिला व पुरुष का शव जलाने के मामले की जांच की।
नगर पहुंची पुलिस, लौटी खाली हाथ
बनवारी की पत्नी संतोष व उसके छोटे भाई मुकेश की पत्नी कविता के बयान लेने अलवर पुलिस बुधवार को नगर (भरतपुर) पहुुंची। इससे पूर्व मंगलवार रात कविता व संतोष को तबीयत बिगडऩे पर उसकी ननद नगर निवासी सुमन ने रात ९ बजे कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कविता एवं संतोष को बुधवार सुबह ननद व उसका पति रविशंकर अपने साथ घर ले गए। बुधवार दोपहर अलवर पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश खुद संतोष व कविता के बयान लेने नगर पहुंचे। इस दौरान भी संतोष बयान देने से बचती रही। कभी वह बीमार होने का बहाना कर लेट जाती तो कभी बेहोशी का नाटक करने लगती। हारकर पुलिस टीम को बिना बयान के ही नगर से लौटना पड़ा।
मकान पर लगाया ताला
घटना के बाद पुलिस ने सबूतों को नष्ट होने से बचाने के लिए बनवारी के किराए के मकान पर ताला जड़ दिया। रात्रि में भी मकान की निगरानी के लिए पुलिस बल लगाया गया। मकान का ताला बुधवार सुबह आईजी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचने पर खोला गया। निरीक्षण के बाद फिर से मकान पर ताला जड़ दिया गया। गौरतलब है कि बनवारी व उसके छोटे भाई का परिवार इस मकान में करीब दो साल से रह रहा था।
मुझे मेरे पति के पास ले चलो
नगर में जब पुलिस संतोष के बयान के लिए पहुंची तो वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पारस जैन के पीछे पड़ गई। वह बार-बार उनसे कहने लगी कि मुझे मेरे पति के पास ले चलो। मुझे मेरे पति के पास ले चलो। जब पुलिस ने उससे कहा कि आप बयान तो नहीं दे रही हो। पहले बयान नोट कराओ। इस पर वह पीछे हट जाती।
जयपुर से बुलाई एक और एफएसएल टीम
वारदात के दूसरे दिन मामले के खुलासे के लिए रात करीब नौ बजे टीम अलवर पहुंची। जिसे साथ लेकर पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश सहित शिवाजी पार्क थाना प्रभारी विनोद सामरिया शिवाजी पार्क स्थित घटनास्थल पहुंचे। यहां मकान का ताला खुलवा जयपुर से आई एसएफएल टीम ने घटना से जुड़े नमूने एकत्र किए। टीम ने वारदात के बाद गायब स्कूटी के भी प्रिंट उठाए। टीम करीब एक घंटे तक घटनास्थल से नमूने संकलित करती रही। गौरतलब है कि वारदात के बाद अलवर की एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य संकलित किए। डॉग स्क्वाइड भी मौके पर बुलाई गई, लेकिन स्क्वाइड में शामिल बेल्जियम डॉग किलो इधर-उधर का चक्कर काट वापस घटनास्थल पर लौट आया। इसके बाद बुधवार को जयपुर से एक और एफएसएल टीम जांच के लिए अलवर बुलाई गई।
मृतक का सगा भाई अभी गायब
एक-एक कर परिवार के पांच सदस्यों की नृशंस हत्या के बाद भी मृतक बनवारी का सगा भाई मुकेश अभी गायब है। वह मृतकों के दाह संस्कार में भी नहीं पहुंचा, जबकि मृतकों में शामिल निक्की उर्फ अखिलेश (१०) उसका अपना बेटा था। पुलिस के अनुसार मुकेश नशे का आदी है और भजन मंडलियों में तबला-हारमोनियम बजाता है। हत्याकांड से दो दिन पहले मुकेश अलवर से बाहर जाने की कहकर घर से निकला था। उसका मोबाइल भी घर पर रह गया। मुकेश एक दिन बाद वापस लौटने की कहकर गया था, लेकिन बुधवार को चौथे दिन भी घर नहीं लौटा। इतने बड़े हत्याकांड के बाद भीं मुकेश का गायब रहना पुलिस को खल रहा है। पुलिस ने मुकेश की तलाश में टीमें गठित कर जिले से बाहर उसके संभावित ठिकानों पर भेजी हैं, लेकिन अब तक पुलिस को सफलता नहीं मिली है।
सीसीटीवी फुटेज में मिले संकेत
वारदात के दूसरे दिन बुधवार को सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस को घटना से जुड़े कुछ संकेत मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज में कुछ स्कूटियों की तस्वीरें भी कैमरे में कैद हुई हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनमें से एक स्कूटी बनवारी की है, जिसे वारदात के बाद आरोपित अपने साथ ले गए। स्कूटी पर कितने लोग सवार थे? यह लोग कौन-कौन थे? पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पत्नी से भी नहीं हुई पूछताछ
पुलिस मृतक बनवारी की पत्नी से भी अभी पूछताछ नहीं कर सकी है। घटना के बाद उसकी पत्नी संतोष अचेत हो गई, जिसे अलवर के सामान्य चिकित्सालय में भर्र्ती कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शवों के साथ वह भी गांव चली गई। जहां फिर से तबीयत बिगडऩे पर उसे नगर (भरतपुर) के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। संतोष कई दिनों बाद सोमवार को अलवर आई और उसी रात पांच जनों की नृशंस हत्या हो गई।
सगे-संबंधियों को थाने लाई पुलिस
घटना के बाद देर रात पुलिस कठूमर के गाव गारू से मृतक बनवारीलाल के चाचा सहित चचेरे भाइयों एवं सगे संबंधियों को पूछताछ के लिए शिवाजी पार्क थाने लाई। यहां कई घंटों तक इनसे अलग-अलग पूछताछ की गई।
अभी साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। नतीजे तक पहुंचने में अभी कुछ समय और लग सकता है।
राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर
Published on:
05 Oct 2017 06:43 am
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