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राजस्थान चुनाव: कांग्रेस में बगावत की लपटें दिल्ली तक पहुंची, पूर्व सांसद ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा इस्तीफा

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगा, गत तीन दिनों हमलावर हो रहे है।
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अलवर

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Nupur Sharma

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Updated: 4 Nov 2023, 8:32 AM IST

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Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगा गत तीन दिनों हमलावर हो रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. करणसिंह यादव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र सौंपकर अलवर जिले में कांग्रेस टिकट वितरण पर असंतोष जता कठूमर व राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ एवं बहरोड़ सीट से घोषित पार्टी प्रत्याशियों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए।

पूर्व सांसद यादव कांग्रेस की ओर से बहरोड़ से संजय यादव, राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ मांगेलाल मीणा एवं कठूमर क्षेत्र से संजना यादव को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ से जौहरीलाल मीणा एवं कठूमर से बाबूलाल बैरवा तीन विधायक रह चुके हैं। ऐसे वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं दिया जाना गलत है। उन्होंने बहरोड़ से पुराने कार्यकर्ता एडवोकेट बस्तीराम यादव को कांग्रेस टिकट दिए जाने की पैरवी की है। यादव ने बताया कि शनिवार को लेकर वे पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणूगोपाल से भी मिलेंगे।

यह भी पढ़ें : राजस्थान विधानसभा चुनाव: दल-बदल कर पार्टी में आए और सिर्फ 12 घंटे बाद बन गए प्रत्याशी, जानिए नाम

कांग्रेस में थम नहीं रहा असंतोष: टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस नेताओं का असंतोष अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। पूर्व डॉ सांसद यादव के साथ ही कई पूर्व विधायक भी टिकट वितरण पर खुलकर असंतोष जता चुके हैं और टिकट पर पुनर्विचार नहीं किए जाने पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। राजगढ़- लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक जौहरीलाल मीणा टिकट नहीं दिए जाने के बावजूद निर्दलीय नामांकन दाखिल कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने दो नामांकन दाखिल किए हैं, इनमें एक कांग्रेस एवं एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है।

डेमेज कंट्रोल काम नहीं आया: कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर जिलाध्यक्ष की ओर से समन्वय समिति का गठन किया है। समन्वय समिति को नाराज नेताओं से मिलकर समझाइश कर डेमेज कंट्रोल करना था, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी समिति को इस कार्य में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी है।

अभी कई नेता और इस्तीफे की कतार में: पूर्व सांसद डॉ. करणसिंह यादव की ओर से अलवर जिले में कांग्रेस टिकट वितरण पर असंतोष जता पुनर्विचार नहीं करने पर इस्तीफे की चेतावनी दी है। वहीं कई और विधायक एवं पदाधिकारी इस कतार में हैं।