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आपके पति रिटायर हुए हैं ना, कभी मिलवाइए… अच्छी स्कीम है, टीचर दंपती से प्रिंसिपल ने ठगे लिए 93 लाख…तगड़ा था प्लान

Alwar News: पुलिस ने अब उसी स्कूल के प्रिंसिपल को अरेस्ट कर लिया है जिस स्कूल में टीचर काम करती है। मामला अलवर जिले से है और बेहद ही हैरान करने वाला है।
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अलवर

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Jayant Sharma

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Updated: 16 May 2025, 10:11 AM IST

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Alwar Crime News: सरकारी स्कूल से रिटायर हुए शिक्षक को रिटारयमेंट पर मिले हुए 76 लाख रुपए तो ठिकाने लगा ही दिए, साथ ही सरकारी शिक्षिका पत्नी और बेटी के खाते से भी करीब 17 लाख रुपए निकलवा लिए। मुनाफे का लालच देते रहे, लेकिन जब पानी सिर के उपर से गुजर गया तो केस पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने अब उसी स्कूल के प्रिंसिपल को अरेस्ट कर लिया है जिस स्कूल में टीचर काम करती है। मामला अलवर जिले से है और बेहद ही हैरान करने वाला है। एनईबी पुलिस इस केस की जांच कर रही है।

रिटायरमेंट पर शिक्षक को मिले थे 76 लाख, प्रिसिंपल को पता चल गया…

मामले की जांच कर रहे अलवर जिले के एनईबी थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रिंसिपल अशोक यादव को अरेस्ट कर लिया गया है। अशोक पदमाड़ा कलां, खैरथल में राउमा विद्यालय में पिंसिपल है। इसी स्कूल में उर्मिला यादव नाम की टीचर भी कार्यरत है। उर्मिला के पति धर्मवीर यादव भी सरकारी शिक्षक थे और कुछ समय पहले ही रिटायर हुए। रिटायमेंट पर उन्हें करीब 76 लाख रुपए मिले। जो जीवन भर की बचत और अन्य भत्तों की रकम थी। वे इस रकम से बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश करते लेकिन इससे पहले ही रकम को नजर लग गई।

प्रिंसिपल अपनी स्कूल की टीचर के पीछे पड़ा, कहा पति से मिलवाईये.. अच्छी स्कीम है

जानकारी में सामने आया कि इस बारे में अशोक यादव को स्कूल टीचर उर्मिला यादव से जानकारी मिली कि उनके पति रिटायर हो गए। उसक बाद वह दम्पत्ति के पीछे पड़ गया और कहने लगा कि शेयर मार्केट में तगड़ा मुनाफा है। दोनों बच्चे लगातार ये काम कर रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं। उर्मिला पर अशोक यादव दबाव बनाने लगा कि वे धर्मवीर से एक बार मुलाकात करा दें। ताकि उनको भी स्कीम समझाई जा सके। दम्पत्ति ने बार-बार शेयर मार्केट में पैसा लगाने से इंकार किया, लेकिन अशोक यादव के दबाव के चलते उनकी एक नहीं चली।

डीमैट अकाउंट खुलवाया तब दिए 11 लाख, उसके बाद किश्तों में जाता रहा

धर्मवीर ने पुलिस को बताया कि अशोक के बेटे ने डीमैट अकाउंट खोला उसके बाद पैसों का लेनदेन शुरू हो गया। सबसे पहली रकम ही 11 लाख रुपए दी गई। उसके बाद टुकड़ों में पैसा दिया जाता रहा। लेकिन अशोक ने कभी मुनाफा तो छोड़ मूल रकम लौटाने की भी बात नहीं की। दम्पत्ति को लगा कि वे फंस गए हैं, तो उन्होनें रकम वापस देने की मांग की। इस पर अशोक ने उर्मिला को धमकाया कि अगर रुपयों की बात की तो वह सर्विस रिकॉर्ड खराब कर देगा….। इस बार धर्मवीर यादव ने बिना देरी किए पुलिस की शरण ली और 18 अप्रेल को केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने की जानकारी मिलते ही अशोक यादव फरार हो गया। आखिर उसे कल अरेस्ट किया गया है और अब रिमांड पर लिया गया है। उसके बेटा और बेटी की खातों की जानकारी मिली है। इसमें लाखों रुपए ट्रांसफर किए गए हैं।