
Atem bridge road
अंबिकापुर. बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद ग्राम तारा से पूर्व अटेम नदी पर बना डायवर्सन पुल चौथी बार बह गया था। पुल के बह जाने पर अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। सोमवार को जिला प्रशासन की पहल पर दिलीप बिल्डकॉन द्वारा फिर से डायवर्सन पुल का निर्माण कर आवागमन शुरू करा दिया है। लेकिन यह अस्थायी पुल कब तक टिकेगा यह कोई भी कहने को तैयार नहीं है। लोगों के लिए राहत की बात यह है कि अब इस मार्ग से बिलासपुर-रायपुर पहुंचने में फिलहाल कोई परेशानी नहीं है।
अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य की वजह से इस मार्ग पर स्थित अटेम नदी पर नया पुलिया का निर्माण किया जाना है। बारिश के पूर्व ठेका कम्पनी द्वारा अटेम नदी पर बनी पुलिया को तोड़कर नए पुल निर्माण का काम शुरू किया गया था। नया निर्माण कार्य की वजह इस मार्ग से गुजरने के लिए डायवर्सन पुलिया का निर्माण किया गया था।
लेकिन तेज बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से डायवर्सन पुलिया अब तक 3 बार बह चुकी है। इसकी वजह से अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग बारिश के दौरान कई बार बंद हो चुका है। पिछले बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद एक बार फिर डायवर्सन पुलिया बह गई और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। बुधवार को चौथी बार पुल बह जाने से प्रशासन व पुलिस द्वारा इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह से बंद करा दिया गया था।
इसकी वजह से लोगों को सूरजपुर की तरफ से आवागमन करना पड़ रहा था। कलक्टर की पहल पर डायवर्सन पुलिया का निर्माण कार्य शुरू किया गया। ठेका कम्पनी द्वारा अबकी बार डायवर्सन पुलिया निर्माण के लिए 56 ह्यूम पाइप लगाए गए हैं। इसके साथ ही ह्यूम पाइप के बीच-बीच में रेत से भरी बोरी भी डाली गई है। ताकि पाइप न बहे। प्रशासन द्वारा उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार यह पुलिया कुछ माह तक टिकेगी।
पहाड़ी क्षेत्र होने से हो रही है परेशानी
ठेका कंपनी के अनुसार यह क्षेत्र चारों तरफ से पहाड़ से घिरा हुआ है। बारिश होने के बाद काफी तेज पानी पहाड़ से होकर नाला के माध्यम से अटेम नदी में पहुंचता है। ऐसे में पानी के तेज बहाव से पुल बह जाता है। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में कुछ खदानों का भी पानी इसी मार्ग से होकर आता है। इससे भी नदी के पानी के तेज बहाव से ह्यूम पाइप बह जाती है।
तेज बारिश होने पर फिर बह सकता है पुल
तेज बारिश होने पर अटेम नदी में पानी पहाड़ से होकर पहुंचेगा और फिर पुल बह सकता है। जानकारों के अनुसार जब तक स्थायी पुल नहीं बन जाता है यहां इसी प्रकार की स्थिति निर्मित होती रहेगी।
Published on:
25 Sept 2017 09:21 pm
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