
TS Singhdeo in meeting
अंबिकापुर. सांसद तथा जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष कमलभान सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिशा समिति की बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव जिले के बिजली व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि काम तो आपलोग काफी कर रहे हैं, लेकिन स्तरहीन काम किया जा रहा है।
अपने विधायकी कार्यकाल में अब तक यह नहीं देखने को मिला है, कि किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में एक-एक सप्ताह बिजली गुल रहे और महिलाओं को बिजली कार्यालय आकर घेराव करना पड़े। नेता प्रतिपक्ष की नाराजगी को देख वहां उपस्थित सभी अधिकारी काफी सहमे हुए थे।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के जिला पंचायत दिशा समिति की बैठक शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या को लेकर अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि विकास यात्रा के नाम पर बदहाल विद्युत व्यवस्था का दंश जिला आज तक भुगत रहा है।
दिशा समिति की बैठक में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिला मुख्यालय से लगे हुए लगभग 14 से 15 गांवों की मुझे जानकारी है। जहां के लोगों ने फोन कर जानकारी दी है कि बिजली कई दिनों से गुल है। विकास यात्रा के नाम पर बिजली काटने की परंपरा प्रशासन द्वारा शुरू की गई है, वह अब तक नहीं थमी है। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है आंधी-पानी से कई जगह विद्युत पोल गिर गये हैं, जिसे खड़ा करने में विद्युत विभाग को महीनों लग रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं स्वयं शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों मेें संपर्क कर यह जानकारी लूंगा कि कहां विद्युत विभाग समस्या के निदान हेतु पहुंचा और कहां नहीं। नेता प्रतिपक्ष की बातों का सभी विधायक एवं जिला पंचायत सदस्यों ने समर्थन किया तथा कहा कि कई बार ऐसी स्थिति भी निर्मित होती है कि जनप्रतिनिधियों का फोन ही विद्युत विभाग के लोग रिसीव नहीं करते।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि शीघ्र ही चरमराई विद्युत व्यवस्था को बहाल नहीं किया गया तो जरूरत पडऩे पर ग्रामीणजनों के साथ सड़क पर भी उतरने से जनप्रतिनिधि पीछे नहीं रहेंगे।
महिलाएं सब स्टेशन पहुंची तो यह प्रशासन की विफलता
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली की हर्राटिकरा और केशवपुर की महिलाएं बिजली सब-स्टेशन में बिजली सुचारू रूप से प्रारंभ कराने पहुंची थी, जो कि प्रशासन की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है। यदि महिलाओं को सब-स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है तो समझ सकते हैं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की कितनी बदहाली है।
शीघ्र हो व्यवस्था दुरूस्त नहीं तो ग्रामीण होंगे सड़क पर
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकास यात्रा के दौरान काफी तेज गति से बिजली की व्यवस्था करने के लिए काम किया गया। इसके बाद से विद्युत विभाग ने अघोषित रूप से बिजली कटौती की परंपरा शुरु कर दी। हल्की हवा व बारिश में ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर उड़ जा रहे हैं, पोल गिर जा रहे हैं।
लेकिन सुधार कार्य करने बिजली कर्मियों को पहुंचने में एक सप्ताह का समय लग जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी जगह शीघ्र ही व्यवस्था दुरूस्त कर लें। रोज 5 हजार लोगों का फोन बिजली की समस्याओं को लेकर आता है। कितने लोगों को हमलोग जवाब देंगे। यहीं हाल रहा तो ग्रामीण सड़कों पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन करने से कोई नहीं रोक सकता।
Published on:
29 Jun 2018, 9:42 PM IST
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