
Marriage shubh muhurat
बलरामपुर. Marriage Shub Muhurat: आज 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद लगभग सवा चार माह तक समस्त मांगलिक कार्यक्रमों पर हिंदू परंपरा के अनुसार रोक लग जाएगी। शादी विवाह (Marriage) जैसे कार्यक्रम नहीं हो पाएंगे। नगर के ज्योतिषी पंडित जितेंद्र तिवारी ने बताया कि 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी है, इस एकादशी के बाद से हिंदू परंपरा (Hindu Tradition) के अनुसार शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक लग जाएगी। लोग विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम नहीं कर पाएंगे।
गत वर्षों तक लगभग 4 माह तक यानी देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते थे। लेकिन इस बार लोगों को 4 माह से भी ऊपर यानी लगभग 139 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। तब कहीं जाकर शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम कर पाएंगे।
उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इसके बाद 4 नवंबर को देवउठनी एकादशी होगी। जो लोग सोच रहे होंगे कि देवउठनी एकादशी के बाद शादी विवाह आदि कार्यक्रम कर सकेंगे।
उन्हें इसके बाद भी 22 दिनों का और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि 25 नवंबर तक शुक्रतारा अस्त है, जो 21 नवंबर को पश्चिम में उदित होगा। मांगलिक कार्यक्रमों में गुरु और शुक्रका उदित होना शुभकारी माना गया है इसके बाद मांगलिक कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
नवंबर से लेकर मार्च तक कुल 53 मुहूर्त
वर्ष 2022 के नवंबर एवं दिसंबर तथा वर्ष 2023 के जनवरी से मार्च तक अर्थात हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 2079 में (चैत्र कृष्ण पक्ष तक) सामान्य तथा श्रेष्ठ मुहूर्तों को मिलाकर कुल 53 मुहूर्त हैं। इसमें नवंबर 2022 में 24, 25, 26, 27, 28, 30 तारीख को मिलाकर कुल 6 मुहूर्त हंै।
दिसंबर 2022 में 2, 3, 4, 7, 8, 9, 13, 14, 15 तारीख को मिलाकर कुल 9 मुहूर्त हंै। जनवरी 202३ में 15, 16, 17, 18, 19, 22, 25, 26, 27, 30, 31 तारीख को मिलाकर कुल 11 मुहूर्त हैं। फरवरी 202३ में 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 22, 23, 24, 27, 28 तारीख को मिलाकर कुल 17 मुहूर्त हैं। इसके बाद मार्च 202३ में 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14 तारीख को मिलाकर कुल 10 मुहूर्त हंै।
Published on:
9 Jul 2022, 7:26 PM IST
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