2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमेजन के जंगलों में खोजी गई एक नई जनजाति, अब तक है दुनिया से अलग-थलग

इस हफ्ते जारी किए गए फुटेज में पेरू की सीमा के पास जावरा नदी घाटी में घने जंगलों के एक पैच में कई लोगों को पैदल चलते और झोपड़ी में रहते हुए दिखाया गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Siddharth Priyadarshi

•

Updated: 24 Aug 2018, 2:43 PM IST

amazon forest tribes

अमेजन के जंगलों में खोजी गई एक नई जनजाति, अब तक है दुनिया से अलग-थलग

ब्राजीलिया।ब्राजील के नेशनल इंडियन फाउंडेशन के मुताबिक ब्राजील में स्थित अमेजन के जंगलों में एक नई जनजाति का पता चला है। अमेजन के ऊपर उड़ने वाले ड्रोन द्वारा इस जनजाति की तस्वीर पहली बार ली गई है। बताया जा रहा है कि इसका बाहरी दुनिया के साथ कोई ज्ञात संपर्क नहीं है।

ट्रंप की जीरो टॉलरेंस के कारण महीनों जेल में कैद रहे पांच सिख, अब रिहा होकर सुनाई आपबीती

बाहरी दुनिया से नहीं है संपर्क

देश के नेशनल इंडियन फाउंडेशन के मुताबिक अलग अमेज़ॅन जनजाति का बाहरी दुनिया के साथ कोई ज्ञात संपर्क नहीं है। इस जनजाति का पता तब चला जब ब्राजील के जंगल पर उड़ने वाले ड्रोन द्वारा इसे देखा गया है। इस हफ्ते जारी किए गए फुटेज में पेरू की सीमा के पास जावरा नदी घाटी में घने जंगलों के एक पैच में कई लोगों को पैदल चलते और झोपड़ी में रहते हुए दिखाया गया है। तस्वीरों से जाहिर है कि एक आदिवासी किसी प्रकार का भाला या ध्रुव ले कर चल रहा है जबकि चार या पांच अन्य खड़े ढांचे की तरह दिखते हैं। मजे की बात यह है कि ड्रोन को उड़ते हुए इन लोगों ने नहीं देखा जो उनके ठीक ऊपर पेड़ों के झुरमुट में उड़ रहा था।

फनाई नमक संस्था जो जनजातीय मामलों में नए शोध करती है, उसका कहना है कि ऐसे ट्राइब्स को विशेष देखभाल की जरुरत है। जनजातीय लोगों के अधिकारों को समर्पित एक गैर सरकारी संगठन उत्तरजीविता इंटरनेशनल के मुताबिक, "यह दुनिया का एकमात्र सरकारी विभाग है जो स्वदेशी लोगों की सुरक्षा के लिए समर्पित है, जिनके पास राष्ट्रीय समाज और अन्य जनजातियों के साथ बहुत कम या कोई संपर्क नहीं है।"

ये है दुनिया की सबसे महंगी चाय, कीमत जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

जावरा नदी क्षेत्र जनजातियों का घर

जावरा नदी क्षेत्र आठ संपर्क जनजातियों का घर है। यहां 11 अलग-अलग जनजातियों की पुष्टि की गई है। बता दें कि अमेजन में लम्बे समय से जनजातियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। अपने सर्वेक्षण के दौरान ब्राजील के नेशनल इंडियन फाउंडेशन के शोधकर्ताओं ने एक कुल्हाड़ीऔर एक पेन को ईजाद किया जिसका प्रयोग पैमाने के लिए किया जाता है। उत्तरजीविता इंटरनेशनल के अनुसार, दुनिया भर में 100 से अधिक जनजाति अलग थलग रहती हैं। औपनिवेशिक सरकारों ने अक्सर जनजातियों को संपर्क से कटे रहने और उनके एकीकरण को मजबूर कर दिया।