27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मेक्सिको: गायब छात्रों के लिए हजारों लोगों ने निकाला मार्च, चार साल पहले हुए थे अगवा

इस विरोध मार्च में छात्रों, शिक्षकों, मानवाधिकारों और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Shweta Singh

•

Updated: 27 Sep 2018, 4:42 PM IST

protest march in mexico city against abduction of 43 student

मेक्सिको: गायब छात्रों के लिए हजारों लोगों ने निकाला मार्च, चार साल पहले हुए थे अगवा

मेक्सिको सिटी। मेक्सिको में एक साथ कई छात्रों के अपहरण के चार साल पूरे होने के बाद उनको ढूंढ़ने की कार्रवाई में तेजी के मांग के लिए लोगों ने प्रदर्शन जूलुस निकाला। दरअसल वहां चार साल पहले 43 छात्र गायब हो गए थे, जिनके लिए हजारों लोगों ने सड़कों पर मार्च निकाला। मार्च में लापता छात्रों के अभिभावक भी शामिल थे।

लापता छात्रों के अभिभावकों के प्रवक्ता का बयान

लापता छात्रों के अभिभावकों के प्रवक्ता फेलिप डी ला क्रूज ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बताया, 'हमारा साथ दे रहे लोगों के प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये हमारी बहुत ही जरूरी मांग को सामने लाने में बढ़ाया गया एक कदम है।' यदि यह अभियान असफल हो जाता है तो बुरे लोगों की जीत होगी।'

बुधवार शाम को शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक मेक्सिको सिटी के एंजेल ऑफ इंडीपेंडेंस मॉन्यूमेंट से बुधवार शाम को यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। बाद में ये पासियो डी ला से होता हुआ जोकालो चौराहे पर जाकर समाप्त हुआ। इस विरोध मार्च में छात्रों, शिक्षकों, मानवाधिकारों और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी इस दौरान 'वे उन्हें जिंदा ले गए थे और हमें वे जिंदा चाहिए' के नारे लगा रहे थे।

ये भी पढ़ें:- सर्जिकल स्ट्राइक में बर्बाद हुए कैंपों को पाकिस्तान ने किया फिर से आबाद, लगभग 250 आतंकी हैं मौजूद

26 सितंबर 2014 को अयाटजिनापा रूरल टीचर्स स्कूल के छात्रों को किया गया था अगवा

गौरतलब है कि 26 सितंबर 2014 को अयाटजिनापा रूरल टीचर्स स्कूल के छात्रों को जबरन उठा लिया गया और इसी के बाद से वे सभी लापता हैं। इस वाकये के चार साल बीतने के बाद भी यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन छात्रों के साथ आखिर क्या हुआ। हालांकि सरकारी जांच की आधार पर कहा जा रहा है कि इन छात्रों को स्थानीय कार्टेल को सौंप दिया गया था और बाद में उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।

ये भी पढ़ें:- संयुक्त राष्ट्र: भारत और एंटीगुआ के विदेश मंत्रियों की मुलाकात, मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर पूरी मदद का वादा