भोपाल

मध्यप्रदेश में आसमानी आफत, सब जगह बाढ़, एयरफोर्स बुलाई, 17 घंटे से बिजली नहीं

Flood Crisis in mp: मध्यप्रदेश में आफत की बारिश, कई गांवों का संपर्क टूटा, कई गांव टापू बने, देखें शाम तक का अपडेट...।

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Aug 22, 2022
मध्यप्रदेश में सोमवार शाम तक लगातार बारिश जारी रही।

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार मूसलाधार बारिश से नदियों का जल स्तर बढ़ गया है, वहीं प्रदेश के लगभग सभी बांधों से पानी छोड़े जाने से नदियों में बाढ़ (FLOOD) आ गई है। जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर में बाढ़ के हालात देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात की गई है। विदिशा में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एयरफोर्स (AIRFORCE) के हेलीकाप्टर मंगाए गए हैं। सोमवार शाम तक नर्मदा नदी, बेतवा नदी के तटवर्ती इलाकों में अलर्ट (ALERT) जारी कर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इधर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM SHIVRAJ SINGH CHAUHAN) ने सभी से कहा है कि ऐसे हालातों में अपने घरों में ही रहें। भोपाल स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से पूरे प्रदेश पर नजर बनाए हुए हैं।

नर्मदा खतरे के निशान के ऊपर

इधर, नर्मदापुरम से खबर है कि नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने वाली है। तवा डैम के 13 गेट 15 फीट तक खोल दिए गए हैं। उधर, बरगी डैम का भी पानी नर्मदा में लगातार छोड़ा जा रहा है। बरगी का पानी नर्मदापुरम तक आएगा, उससे पहले ही तवा से पानी खाली किया जा रहा है। इसके साथ ही रायसेन जिले का बारना डैम से भी थोड़े अंतराल के बाद पानी छोड़ा जा रहा है। गौरतलब है कि इन तीनों ही डैम के एक साथ पानी छोड़ने की स्थिति में नर्मदा नदी में बाढ़ आ जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है।

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नर्मदा के सभी बड़े डैम से पानी छोड़ा

राजधानी भोपाल में बड़ा तालाब पूरी तरह से लबालब हो गया है। इसके भदभदा डैम के 5 गेट खोले गए हैं। वहीं कलियासोत के 13 गेट खोलने से बेतवा नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राजधानी से लगे केरवा डैम के 8 गेट खोले गए हैं। वहीं विदिशा के सगड़ डैम के 12 गेट, राजघाट के 16 गेट, नर्मदा बेसिन के इंदिरा सागर के 12 गेट और ओंकारेश्वर डैम के 18 गेट खोले गए हैं। गौरतलब है कि नर्मदा नदी पर बने जितने भी डैम से पानी छोड़ा जाएगा, वो गुजरात स्थित बंगाल की खाड़ी में मिल जाता है।

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नरसिंहपुरः नर्मदा में बाढ़ से झांसीघाट और बरमान समेत कई पुल डूबे

नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में हुई बारिश के पुण्य सलिला आई अथाह जलराशि से नरसिंहपुर में झांसीघाट और बरमान सहित कई जगह पर पुल डूब गए हैं। पिछले दो दिनों की बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के नदी-नाले भी पुलों के ऊपर से बह रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण अंचल के कई गांवों का जिला मुख्यालय से सडक़ संपर्क टूट गया। गोटेगांव क्षेत्र में भारी बारिश के चलते झांसीघाट का पुल भी पानी में डूब गया है।

भोपाल के बड़े तालाब में क्रूज डूबा

इधर, सोमवार को सुबह तेज आंधी के बीच बड़े तालाब में समुंदर सी लहरें उठने लगी। इसके कारण बड़े तालाब की कई बोट यहां-वहां बहने लगीं। इस बीच पर्यटन विभाग का क्रूज पानी में डूब गया। उसका ऊपरी हिस्सा ही नजर आ रहा था। पर्यटन विभाग और नगर निगम के कई कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन उसे नहीं बचा सके। वो धीरे-धीरे पानी में डूबता रहा।

उठती रहीं लहरेंः इधर, भोपाल के बड़े तालाब में हवा के कारण चार से पांच फीट ऊंची लहरें उठने लगी, वहीं जब यह लहरें किनारों से टकरा रही थी तो 20 फीट तक पानी उछल रहा था।

भोपाल में फंसे 100 से अधिक लोग

भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के पास कोल्हुआकला गांव में 100 लोग फंसे हुए हैं। गांव गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल में उमा विहार कॉलोनी के सामने है। यहां के घरों में 5 फीट तक पानी भरा है। बिजली भी कटी हुई है। लोगों का आरोप है कि मदद के लिए सुबह से फोन लगा रहे हैं लेकिन कोई नहीं आया। पानी भरा होने के कारण खाना तक नहीं बन पाया। ऐसे में कई लोग घर छोड़ कर भी चले गए हैं।

भोपाल में 17 घंटे बिजली गुल

भोपाल में पिछले 17 घंटे तक शहर की बिजली गुल रही। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों के मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे थे। वहीं इंटरनेट नहीं चलने से लोगों का कम्यूनिकेशन भी बंद था। शहर के कई इलाकों में आंधी के कारण बिजली के तारों पर पेड़ गिर गए, इस कारण भी बिजली व्यवस्था ठप्प हो गई। वहीं बिजली विभाग के सब स्टेशनों में भी पानी भर गया, इस कारण भी बिजली व्यवस्था बाधित हो रही है।

विदिशाः लोगों को बचाने के लिए हेलीकाप्टर मंगाए

विदिशा जिले में बेतवा, सिंध, बैस, कांदई, सगड़, बेगमती, नेमन, सहोदरा, बाह, केथन नदी उफान पर है। बाढ़ में 100 से ज्यादा लोग फंसे। लटेरी में इस्लाम नगर में बना डैम बारिश के चलते फूट। कई गांवों में फसलें बर्बाद। विदिशा, गंजबासौदा तहसीलों से रेस्क्यू करने के लिए हेलीकाप्टर भेजने को लिखा है। लटेरी भी ज्यादा प्रभावित हो सकता है। बेतवा खतरे के निशान को छू गई है।लटेरी में इस्लाम नगर का बांध टूट गया है।

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कटनी जिले में बरही-विजयराघवगढ़ मार्ग बंद

कटनी जिले से खबर है कि महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बरही-विजयराघवगढ़ मार्ग पर हिनौता घाट में नदी का पानी पुल के ऊपर आ गया है, जिसके चलते यहां से आवागमन बंद है। जिला भू-अभिलेख अधिकारी एमएल तिवारी के अनुसार सोमवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में 2.36 इंच बारिश दर्ज की गई है।

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श्योपुरः पार्वती नदी में बाढ़ से टापू बना सूंडी गांव

पार्वती नदी के खतरे के निशान के ऊपर बहने से सूंडी गांव पूरी तरह टापू बन गया। हालांकि शाम तक नदी का जलस्तर गांव से काफी दूर था, लेकिन ऐहतियातन प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को निकालने के प्रयास किए, लेकिन 26 लोगों को ही रेस्क्यू किया जा सका, बाकी आधा सैकड़ा लोग निकलने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान विधायक बाबू जंडेल भी होमगार्ड की बोट से गांव में पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी।

सीहोरः बाढ़ में बह गया ऑटो

सीहोर जिले में पपनास, पार्वती, सीवन नदी और ग्रामीण क्षेत्र के नाले उफान पर है। जिले के आधा सैकड़ा से ज्यादा रास्ते बंद है। करबला पुल से एक ऑटो सीवन नदी में बह गया। इसी पुल से एक सप्ताह पहले तहसीलदार नरेन्द्र सिंह ठाकुर और पटवारी महेन्द्र रजक की कार बह गई थी।

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राजगढ़ः 150 से अधिक लोगों को बचाया

जिले के ब्यावरा में 150 से भी अधिक लोगों को बाढ़ में से सुरक्षित निकाल लिया है। अदनान नदी के उफान पर आने से शहर का बड़ा इलाका डूब में है। बांसवाड़ा घाटी पर बने मकान और दुकान डूब गए। निचली बस्तियों से लोगों को निकालकर स्कूलों में ठहराया गया है। 23 अगस्त को भी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

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रायसेनः स्कूलों में छुट्टी

रायसेन जिले में अत्यधिक बारिश से सैकड़ों गांवों का रास्ता मुख्यालय से कट गिया है। सांचेत गांव टापू बन गया है। बरेली से पिपरिया, बेगमगंज से विदिशा, ग़ैरतगंज से विदिशा, रायसेन से बेगमगंज, सुल्तानपुर से भोपाल मार्ग बंद हैं। यहां भी मंगलवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

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मंडलाः टापू में फंसे 3 लोगों को बचाया

जिला मुख्यायल से 30 किमी दूर ग्राम लिंगा पौंडी अंतर्गत नर्मदा नदी स्थित टापू में 3 लोगों को एसडीआरएप की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। जिन लोगों को रेस्क्यू किया है उनके नाम बसंत भारतीय, सहदेव नंदा, तिलकराम भारतीय बताया जा रहा है।

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छतरपुरः लहचूरा डैम के 12 गेट खोले

धसान नदी में पानी बढऩे पर प्रशासन ने नदी किनारे गांवों को अलर्ट कर दिया है। नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही हैं। नदी किनारे बसे हरपालपुर क्षेत्र के सरसेड़, चपरन, लहदरा, मड़ोरी गांव के खेतों में पानी भर गया है। फसल पानी में डूब गई है और खेत तालाब जैसे नजर आने लगे हैं।

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स्कूलों में छुट्टी घोषित

प्रदेश में लगातार बारिश के बाद भोपाल संभाग के जिलों में में प्राइवेट और निजी स्कूलों में मंगलवार को भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।

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कहां कितनी हुई बारिश

मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश जारी है। भोपाल में सोमवार सुबह 8:30 बजे से लेकर शाम को 5:30 बजे तक 149 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबकि बाकी जिलों में भी लगातार बारिश का दौर जारी है। आइए देखते हैं किस जिले में कितनी बारिश शाम तक दर्ज की गई।







































































जिला बारिश (एमएम)बारिश (एमएम)जिला बारिश (एमएम)
Raisen157.0Pachmarhi28.0
Bhopal149.0Dhar15.0
Bhopal City144.7Ujjain9.0
Narmadapuram120.0Narsinghpur9.0
Guna47.0Sagar8.0
Indore5.6Betul4.0
Khandwa5.0Damoh4.0
Ratlam4.0Jabalpur1.0
Satna3.0Mandla1.0
Umaria2.0Gwalior0.2

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शाजापुर व आगर जिले में नदी-नाले उफाने

आगर जिले में स्थित कुंडालिया डैम के 10 गेट खोले गए। 80 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूटा गया है। 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है। चीलर बांध का ओवरफ्लो हो गया है।

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Updated on:
22 Aug 2022 09:11 pm
Published on:
22 Aug 2022 08:46 pm
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