
ITR Filing Last Date 31 July: अगर आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं भरा है, तो अब देरी करना भारी पड़ सकता है। ITR-1 और ITR-2 फॉर्म के जरिए ITR भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। इसके बाद रिटर्न तो 31 दिसंबर तक भरा जा सकेगा, लेकिन लेट फीस और ब्याज देना होगा। इसके अलावा कई तरह के टैक्स बेनेफिट भी नहीं मिलेंगे। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय पर रिटर्न भरने से इन परेशानियों से बचने के साथ रिफंड भी जल्दी मिलता है।
23 जुलाई तक देश में 3 करोड़ से ज्यादा लोग ITR भर चुके हैं। क्लियरटैक्स की टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन का कहना है कि अब आखिरी समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते रिटर्न भरने से पोर्टल का सर्वर डाउन, तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों की गड़बड़ी से बचा जा सकता है, साथ ही रिफंड मिलने में भी देरी नहीं होती।
अगर 31 जुलाई की समय सीमा निकल जाती है, तब भी 31 दिसंबर 2026 तक रिटर्न भरा जा सकता है। हालांकि, इसके लिए एक्स्ट्रा भुगतान करना होगा। आयकर अधिनियम के सेक्शन 234F के तहत, इनकम 5 लाख रुपये तक होने पर 1,000 रुपये और 5 लाख रुपये से अधिक होने पर 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। यदि टैक्स बकाया है तो सेक्शन 234A के तहत हर महीने या महीने के हिस्से पर 1 फीसदी ब्याज भी देना पड़ सकता है।
सीए अंशुल भार्गव के अनुसार, लास्ट डेट चूकने के बाद नुकसान की भरपाई के लिए कैरी फॉरवर्ड की सुविधा नहीं मिलती। साथ ही रिटर्न भरने के बाद यदि कोई गलती या जानकारी छूट जाए तो 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। इसके बाद भी इनकम छूटने पर तय शर्तों के साथ अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने का विकल्प रहेगा।
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों ने अभी तक ITR नहीं भरा है और ई-वेरिफाई नहीं किया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन 31 जुलाई से पहले रिटर्न भरने की कोशिश करनी चाहिए। समय पर ITR दाखिल करने से लेट फीस और ब्याज से बचाव होता है, रिफंड जल्दी मिलता है और टैक्स से जुड़े जरूरी बेनेफिट भी मिलते हैं।