
Ram Mandir: राम मंदिर चंदा चोरी और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में जवाब देने की मांग की। उन्होंने ट्रस्ट के गठन और मंदिर से जुड़े फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने छात्रों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह मुद्दा हमने सबसे पहले उठाया। मंदिर चोरी नहीं मंदिर के अंदर जो संपत्ति है उसकी चोरी, वहां का सोना, वहां के गहने, वहां की चांदी, सोने की ईंट, वहां के पैसे आदि, यह सभी चीजें उठा लेना, यह वहां के देख-रेख करने वालों ने ही किया है और उनका ट्रस्ट तो हमारे प्रधानमंत्री ने ही बनाया है। वहां उद्घाटन उन्होंने किया, वहां पूजा की शुरुआत उन्होंने किया, झंडा उन्होंने चढ़ाया और ट्रस्ट के लोगों को भी उन्होंने चुना।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि जब सभी चीजें आपने प्रधानमंत्री की है तो आप सदन में आकर जवाब दो कि क्यों ऐसा हुआ, हम पूछना चाहते हैं, आप क्यों डर रहे हो, यह समझ नहीं आ रहा है। खरगे ने कहा कि जब ट्रस्ट से जुड़े फैसले प्रधानमंत्री की मौजूदगी में हुए हैं तो इस मामले में सदन के भीतर जवाब भी दिया जाना चाहिए।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने युवाओं और छात्रों के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवा और छात्र हमारे देश की बहुत बहुमूल्य धरोहर है। किसी देश की दौलत सोना-चांदी या हीरा नहीं हुआ करता बल्कि उसकी असली दौलत हमारे देश के युवा, छात्र व नागरिक हुआ करते हैं। जिस तरह से भाजपा की सरकार में युवाओं का जबरदस्त उत्पीड़न हो रहा है, अभी जंतर-मंतर पर देश के कोने-कोने से लाखों छात्र आए थे, युवा निहत्थे आए थे उनके ऊपर लाठियां चलाई गईं हजारों लड़कों के पैर और हाथ टूटे, सिर से खून बहा।
सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जंतर-मंतर पर सपा नेता डिंपल यादव के हाथ में भी चोट आई। हम लोग वहां गए थे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव की गिरफ्तारी भी हुई थी। इस विषय को लेकर सदन चल रहा है। बार-बार विपक्ष के द्वारा इस बात की मांग भी की जाती है कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आएं क्योंकि लोकतंत्र में इससे बड़ा कोई मंच नहीं है। लेकिन अफसोस के साथ हमें कहना पड़ रहा है कि सरकार खुद सदन नहीं चलने देना चाहती, एक दिन भी सदन नहीं चला है।