
Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए कथित चंदा चोरी मामले को लेकर देशभर में सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दल लगातार भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा ने भी राम मंदिर दान गबन मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बड़े पैमाने की भयानक लूट करार देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली और FIR दर्ज करने के दोहरे रवैये पर करारे सवाल दागे हैं।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने लिखा कि राम मंदिर में बड़े पैमाने पर लूट और डकैती मची है। महुआ ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि क्या इतनी बड़ी हेराफेरी सामने आने के बाद अब करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं। अक्सर छोटी-छोटी बातों पर धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा करते हुए सड़कों पर उतर आते हैं अब वो संगठन कंहा हैं।
महुआ मोइत्रा ने सरकार और प्रशासन के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि "जब कोई गंगा नदी पर बिरयानी खाता है या कोई विपक्षी दल का नेता कोई बयान देता है तो, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली जाती है।" पुलिस बहुत तेजी दिखाती है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि राम मंदिर में हुई इतनी बड़ी लूट पर एफआईआर करने में सुस्ती क्यों दिखाई जा रही है? महुआ ने पूछा कि इतने संवेदनशील और गंभीर मामले में रसूखदार लोगों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
पुलिस इस पूरे मामले की बहुत ही बारीकी से और कई स्तरों पर जांच कर रही है। जांच अधिकारी मंदिर से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही पैसों के लेन देन और CCTV फुटेज भी खंगाल रहे हैं। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर लिए गए फैसलों की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है ताकि मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है की जांच के बाद ही यह तय होगा कि चंदा चोरी के इस खेल में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि यह सिर्फ प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही थी या फिर पूरी प्लानिंग के साथ की गई कोई बड़ी साजिश।