मुजफ्फरनगर

टेरर फंडिंग केस: लश्कर-ए-तैयबा के फाइनेंसर दो सर्राफा व्यापारी मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार

एनआईए ने सर्राफा व्यापारियों से अवैध हथियार सहित भारी मात्रा में देशी व विदेशी करेंसी बरामद की

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Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर. पिछले दिनों एनआईए और एटीएस की टीम द्वारा मुजफ्फरनगर के सर्राफा कारोबारियों के यहां की गई छापेमारी के दौरान दो सर्राफा कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए की टीम ने इनके पास से अवैध हथियार सहित भारी मात्रा में देशी व विदेशी करेंसी बरामद की है। दोनों व्यापारियों पर आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के लिए पैसा इकट्ठा करने का आरोप है। एनआईए की इस कार्रवाई से सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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दरअसल, 3 फरवरी 2018 को एनआईए की टीम ने एटीएस के साथ मुजफ्फरनगर के दो सर्राफा कारोबारी अरिहन्त ज्वेलर्स व दिनेश ज्वेलर्स के घर व दुकान पर छापेमारी की थी, जो 14 घंटे तक चली थी। एनआईए को अरिहंत ज्वेलर्स के मालिक आदेश जैन के यहां छापेमारी में 32 लाख की नकदी, 1 चाइना मेड पिस्टल कारतूस, 2 लैपटॉप, 3 मोबाइल सहित भारी मात्रा में दस्तावेज, इलेक्टॉनिक डिवाइस व सऊदी अरब, कतर, जापान, थाईलैंड, ओमान, कुवैत, यूएसए की करेंसी बरामद हुई थी। वहीं दिनेश ज्वेलर्स के मालिक दिनेश गर्ग उर्फ अंकित के यहां छापेमारी में 15 लाख रुपये, 2 नोट गिनने की मशीन, एक पिस्टल कारतूस, 1 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन बरामद हुआ था।

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इसके बाद पूछताछ के लिए दोनों कारोबारियों को एनआईए के आॅफिस बुलाया गया था। जहां इनसे कई घंटे पूछताछ के बाद दोनों कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों कारोबारी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के लिए फंड जुटाने का काम कर रहे थे। इस घटना क्रम का पता चलते ही सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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Published on:
09 Feb 2018 09:17 am
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